Difference Engine और Analytical Engine क्या है? - Difference Engine और Analytical Engine in Hindi

डिफरेंस इंजन (Difference Engine) क्‍या है?

डिफरेंस इंजन (Difference Engine) एक यांत्रिक गणना मशीन (Mechanical Calculating Machine) है, जिसका डिजाइन 1822 ई. में अग्रेज  गणितज्ञ और आविष्‍कारक चार्ल्‍स बैबेज (Charles Babbage) ने तैयार किया था। इसका उद्देश्‍य गणितीय सारणियों की गणना स्‍वचालित और त्रुटिरहित बनाना था।डिफरेस इंजन को आधुनिक  कंप्‍यूटर के विकास की दिशा में पहला महत्‍वपूर्ण कदम माना जाता था। इसी कारण चार्ल्‍स बैबेज को कंप्‍यूटर का जनक कहा जाता है। ''डिफरेंस इंजन एक यांत्रिक गणना मशीन है, जिसे चार्ल्‍स बैबेज ने 1822 ई, में गणितीय सारणियों की स्‍वचालित और गणना के लिए डिजाइन किया था।''

Difference Engine और Analytical Engine in Hindi

डिफरेंस इंजन का इतिहास (History of the Difference Engine)

डिफरेंस इंजन  (Difference Engine) एक यांत्रिक गणना मशीन थी, जिसे 1830 के देशक में चार्ल्‍स बैबेज ने बनाया था। 19 वीं  शताब्‍दी में गणितीय  सारणियाँ हाथ से बनाई जाती थीं, जिनमें अक्‍सर त्रुटियाँ हो जाती थीं। इन त्रुटियों को दूर करने के लिए चार्ल्‍स बैबेज ने एक सेसी मशीन की कल्‍पना की जो स्‍वत: गणनाएँ  करके सही परिणाम दे सके। 1822 में उन्‍होंने Difference Engine का डिजाइन प्रस्‍तुत किया हालांकि तकनीकी और आर्थिक कारणों से उस समय यह  मशीन पूरी तरह बन नहीं सकी लेनि इसके सिद्धातों ने आधुनिक कंप्‍यूटर के विकास की नींव रखी गई थी। 

 Difference Engine का इतिहास 

  • आविष्‍कारक (Inventor)
  •  वर्ष (Year)
  • प्रकार  (Type)
  • उद्देश्‍य
  •  तकनीक

Difference Engine की विशेषताऍं (Features)

विशेषताविवरण
यांत्रिक मशीनगियर (Gears), लीवर (Levers) और पहियों (Wheels) से बनी थी।
स्वचालित गणनाबिना बार-बार मानवीय हस्तक्षेप के गणना कर सकती थी।
उच्च सटीकतागणितीय सारणियों में होने वाली त्रुटियों को कम करती थी।
टेबल निर्माणLogarithm, Trigonometric और Polynomial Tables बना सकती थी।
प्रिंटिंग सुविधापरिणामों को प्रिंट करने की अवधारणा भी शामिल थी।

Difference Engine कैसे काम करती है। 

Difference Engine Finite Difference Method का उपयोग करता था। इसमें जोड़ की प्रक्रिया के माध्‍यम से जटिल से जटिल गणितीय  गणनाओं की गणना की जाती थी।

कार्य करने की प्रक्रिया:

  1. प्रारंभिक मान मशीन में  दर्ज किए जाते थे।
  2. मशीन गियर और पहियों की सहायता से गणना करती थी।
  3. प्रत्‍येक चरण में अंतर जोड़कर अगला मान निकालती थी।
  4. अंंत में सही परिणाम या गणितीय सारणी प्राप्‍त होती थी।  
  5. गणना के लिए आवश्‍यक मान मशीन में सेट किए जाते थे।
  6. मशीन स्‍वत: अगली  गणना करती थी। 
  7. इससे मानवीय त्रुटियों की संभावना कम हो जाती थी। 

डिफरेंस इंजन के की  विशेषताऍं (Difference Engine Features)

  1. 1822 ई. में डिजाइन किया गया।
  2.  चार्ल्‍स  बैबेज द्वारा विकसित।
  3.  यह  एक  यांत्रिक गणना मशीन थी।
  4.  Finite Difference Method पर आधारित थी। 
  5.  गणितीय सारणियाँ स्‍वचालित रूप से तैयार कर सकती थी। 
  6.   गणना में त्रुटियों को कम करने के उद्देश्‍य से बनाई गई थी।
  7.  आधुनिक  कंप्‍यूटर की अवधारणा की शुरुआत इसी से हुई।

डिफरेंस इंजन के उपयोग  (Uses of Difference Engine)

  1.  गणितीय सारणियाँ बनाना।
  2.  लघुगणक तालिकाएँ तैयार करना।
  3.  त्रिकोणमितीय सारणियाँ बनाना।
  4.   वैज्ञानिक और इंजीनियरिंग गणनाएँँ। 
  5.  नौवहन और  खगोल विज्ञान में उपयोगी गणनाएँँ।

डिफरेंस इंजन के लाभ (Advantages of Difference Engine) 

  1.  गणना में अधिक Accuracy |
  2.  मानवीय त्रुटियों  में कमी।
  3.  जटिल गणनाओं को स्‍वचालित बनाना।
  4.  समय की बचत।
  5.  आधुनिक कंप्‍यूटर के विकास का आधार। 

  डिफरेंस इंजन की सीमाएँ (Limitations of Difference  Engine) 

  •  मशीन का आकार बहुत बड़ा था।
  • निर्माण लागत बहुत अधिक थी। 
  • उस समय की तकनीक से  इसे पूरी तरह बनाना कठिन था।
  •  केवल  विशेष प्रकार की गणनाओं के लिए उपयुक्‍त थी। 

कंप्‍यूटर के विकास में डिफरेंस इंजन का योगदान (The contribution of the Difference Engine to the development of the computer.)

डिफरेंस इंजन ने पहली बार यह सिद्ध किया कि मशीनें स्‍वचालित रुुप से जटिल गणनाएँ कर सकती हैं। इसके बाद चार्ल्‍स बैबेज ने Analytical Engine की परि कल्‍पना की  जिसमें मेमोरी, प्रोसेसर और इनपुट-आउटपुट जैसी आधुनिक कंप्‍यूटर की मूल  अवधारणाएँ शामिल है। डिफरेंस  इंजन को आधुनिक  कंप्‍यूटर का प्रारंभिक आधार माना जाता है।  

Facts important from an examination perspective

विषयजानकारी
नामडिफरेंस इंजन (Difference Engine)
आविष्कारकचार्ल्स बैबेज (Charles Babbage)
डिज़ाइन वर्ष1822 ई.
प्रकारयांत्रिक गणना मशीन (Mechanical Calculating Machine)
कार्यगणितीय सारणियाँ तैयार करना
तकनीकFinite Difference Method
महत्वआधुनिक कंप्यूटर के विकास की आधारशिला

 एनालिटिकल इंजन - Analytical Engine In Hindi

 एनालिटिकल इंजन (Analytical Engine) दुनिया का पहला General Purpose Mechanical Computer माना जाता है। इसका डिजाइन1837 ई. में  प्रसिद्ध अंग्रेज गणितज्ञ और आविष्‍कारक चार्ल्‍स बैबेज ने तैयार किया था। यही कारण है कि चार्ल्‍स बैबेज को कंप्‍यूटर के जनक (Father of Computer) के रुप में जाना जाता है। 
आज के कंप्‍यूटर में मौजूद Memory, Processor (CPU), Input, Output और Program Control जैसी लगभग सभी महत्‍वपूर्ण अवधारणाएँ सबसे पहले Analytical  Engine में प्रस्‍तावित की गई है। 

Difference Engine और Analytical Engine in Hindi


हालाँँकि उस समय तकनीकी और आर्थिक सीमाओं के कारण एनालिटिकल इंजन का निर्माण पूरा नहीं हो सका लेकिन इसके सिद्धांत आधुनिक कंप्‍यूटरों की बनी रहे। 

Features of Analytical Engine

विशेषता (Feature)विवरण (Description)
आविष्कारक (Inventor)चार्ल्स बैबेज (Charles Babbage)
विकास वर्ष (Year of Design)1837
प्रकार (Type)दुनिया का पहला General Purpose Mechanical Computer
कार्य प्रणाली (Working Method)प्रोग्राम (Instructions) के आधार पर स्वचालित रूप से कार्य करता था।
इनपुट (Input)पंच कार्ड (Punch Cards) के माध्यम से डेटा और निर्देश दिए जाते थे।
प्रोसेसिंग यूनिट (Processing Unit)Mill नामक भाग गणनाएँ करता था, जो आधुनिक CPU के समान था।
मेमोरी (Memory)Store नामक भाग डेटा और परिणामों को संग्रहीत करता था, जो आधुनिक Memory के समान था।
आउटपुट (Output)परिणाम Printer या Punch Card के माध्यम से प्राप्त किए जा सकते थे।
प्रोग्रामिंग क्षमता (Programmability)विभिन्न प्रकार के प्रोग्राम चलाने और निर्देशों के अनुसार कार्य करने में सक्षम था।
गणना क्षमता (Calculation Ability)जोड़, घटाव, गुणा, भाग तथा जटिल गणितीय गणनाएँ कर सकता था।
स्वचालन (Automation)एक बार निर्देश मिलने के बाद बिना बार-बार मानव हस्तक्षेप के कार्य करने के लिए डिज़ाइन किया गया था।
सामान्य उद्देश्य (General Purpose)केवल एक कार्य तक सीमित नहीं था, बल्कि अनेक प्रकार की समस्याओं को हल करने के लिए बनाया गया था।
आधुनिक कंप्यूटर में योगदान (Contribution)CPU, Memory, Input, Output और Programming जैसी आधुनिक कंप्यूटर अवधारणाओं की नींव रखी।
निर्माण स्थिति (Development Status)तकनीकी और आर्थिक सीमाओं के कारण इसका पूर्ण निर्माण नहीं हो सका।

एनालिटिकल (Analytical  Engine) इंजन क्‍या है?

एनालिटिकल इंजन (Analytical Engie) एक ऐसा यांत्रिक (Mechanical) और स्‍वचालित (Automatic) गणना करने वाली मशीन थी, जिसे  विभिन्‍न प्रकार की गणनाएँ करने के लिए डिजाइन किया गया था।  यह केवल जोड़, घटाव, गुणा, भाग ही नहीं बल्कि जटिल गणितीय समस्‍याओं को भी हल करने में सक्षम होती है। इस मशीन को Punch Cards के माध्‍यम से निर्देश (Instructions) दिए जाने थे। यही तकनीक बाद में प्रारंभिक कंप्‍यूटरों में भी उपयोग की गई है। एनालिटिकल इंजन एक ऐसा यांत्रिक कंप्‍यूटर है जो निर्देशों के आधार पर स्‍वचालित रूप से गणना कर सकता था। 

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Components Of Computer System In Hindi
Applications of Computer In Hindi

एनालिटिकल इंजन का इतिहास (History of the Analytical Engine)

1837 ई. में चार्ल्‍स  बैबेज ने Difference Engine की कमियों को दूर करने के लिए Analytical Engine की कल्‍पना की थी। यह मशीन उस समय की सबसे आधुनिक अवधारण थी। हालांकि पर्याप्‍त धन और तकनीकी संसाधनों ककी कमी के कारण इसे पूरी तरह बनाया नहीं जा सका। और उन्‍होंने एक ऐसी मशीन बनाने का विचार किया जो केवल एक प्रकार की गणना तक ही सीमित न होकर कई प्रकार की समस्‍याओं को हल कर सकते है। 

Features of Analytical Engine 

Analytical Engineआधुनिक कंप्यूटर

विशेषताविवरण
आविष्कारकचार्ल्स बैबेज (Charles Babbage)
वर्ष1837
प्रकारMechanical General Purpose Computer
इनपुटPunch Cards
आउटपुटPrinted Result
मेमोरीडेटा संग्रहित करने की सुविधा
प्रोसेसरगणना करने वाला भाग (Mill)
प्रोग्रामनिर्देशों के अनुसार कार्य करता
स्वचालितबिना बार-बार मानव हस्तक्षेप के कार्य

Analytical Engine कैसे कार्य करता था?

Analytical Engine की कार्य प्रक्रिया निम्न प्रकार थी—
Step 1: Input

Punch Card के माध्यम से डेटा और निर्देश दिए जाते।

          ↓
Step 2: Store

डेटा मेमोरी (Store) में सुरक्षित होता।

          ↓
Step 3: Mill

Mill गणना करता।

         ↓
Step 4: Output

परिणाम Print या Punch Card के रूप में प्राप्त होता।

Analytical Engine का फ्लो चार्ट

      Input (Punch Card)
             │
             ▼
      Store (Memory)
             │
             ▼
       Mill (CPU)
             │
             ▼
     Output (Printer/Card)

Analytical Engine के मुख्‍य भाग

1. मिल (Mill)

Mill आधुनिक कंप्‍यूटर के CPU की तरह कार्य करता था। 
  • गणना करना
  • Arithmetic Operations करना
  • Logical Operations करना 

2. स्‍टोर Store 

Store आधुनिक कंप्‍यूटर की Memory (RAM) जैसा भाग था। 
  • डेटा संग्रहित करना 
  • परिणाम सुरक्षित रखना
  • गणना के लिए आवश्‍यक जानकारी रखना 

3.  इनपुट यूनिट Input Unit

Analytical Engine में Punch Cards का उपयोग इनपुट देने के लिए किया जाता है। 

4. आउटपुट यूनिट Output Unit 

गणना पूर्ण होने के बाद परिणाम देने पर। 
  • Print किया जा सकता है। 
  • Punch Card पर सु‍रक्षित किया जा सकता है। 

5. कंट्रोल यूनिट Control Unit 

यह पूरे सिस्‍टम को नियंत्रित करता है।
  • कौन-सा कार्य पहले होगा।
  • कौन सा बाद मे होगा।
  • किस डेटा पर गणना होगी। 

Difference between the Analytical Engine and the Difference Engine

आधारDifference EngineAnalytical Engine
उद्देश्यकेवल गणितीय तालिकाएँ बनानासामान्य उद्देश्य (General Purpose) कंप्यूटर
वर्ष18221837
प्रोग्रामिंगनहींहाँ
मेमोरीनहींथी
CPU जैसी इकाईनहींMill
इनपुटसीमितPunch Cards
कार्यविशेष कार्यअनेक प्रकार के कार्य

निष्‍कर्ष 

Differenc Engine और Analytical Engine दोनों ही आधुनिक कंप्‍यूटर के विकास में मील का का पत्‍थर साबित हुए। Difference Engine को चार्ल्‍स बैबेज ने वर्ष 1822 में गणितीय सारणियों की स्‍वचालित एवं त्रुटिरहित गणना के लिए डिजाइन किया था। यह एक यांत्रिक गणना मशीन थी , जिसने यह सिद्ध किया कि मशीनें बिना मानवीय हस्‍तक्षेप के जटिल गणनाएँ कर सकती हैं। इसके बाद 1837 में चार्ल्‍स बैबेज ने Analytical Engine की परि कल्‍पना प्रस्‍तुत की, दुनिया का पहला General Purpose Mechanical Computer माना जाता है। इसमें Memory (Store), Processor (Mill),  Input, Output, Control Unit तथा Programming (Punch Cards) जैसी आधुनिक कंप्‍यूटर की मूलभूत अवधारणाएँ शामिल थीं।  

FAQ

1. Difference Engine क्या है?

 Difference Engine एक यांत्रिक गणना मशीन है, जिसे चार्ल्‍स बैबेज ने 1822 ई. में गणितीय सारणियों की स्‍वचालित और  त्रुटिरहित गणना के लिए डिजाइन किया था। 

2.  Analytical Engine क्‍या है?

 Analytical Engine दुनिया का पहला General Purpose Mechanical Computer माना जाता है, जिसे चार्ल्‍स बैबेज ने 1837 ई. में डिजाइन किया था। 

3.  Difference Engine का आविष्‍कार किसने किया था?

Difference Engine का डिजाइन अंग्रेज गणितज्ञ और आविष्‍कार चार्ल्‍स बैबेज ने किया था।

4. Analytical Engine का डिजाइन कब तैयार किया गया था?

Analytical Engine का डिजाइन 1837 ई.  में तैयार किया गया था।

5.   चार्ल्‍स बैबेज को कंप्‍यूटर का जनक  क्‍ यों कहा जाता है ?

उन्‍होंने Difference Engine और Analytical Engine जैसी मशीनों की परि कल्‍पना की थी जिन्‍होने आधुनिक मूल अवधारणाओं की नींव  रखी थी। 

6. Difference Engine किस सिद्धांत पर कार्य करता था?

Difference Engine Finite Difference Method पर कार्य करती थी।


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