सेन्सस टैबुलेटर ( Census Tabulator)
सेंसस टैबुलेटर (Census Tabulator) एक विद्युत-यांत्रिक (Electro-Mechanical) मशीन है जिसका उपयोग जनगणना के आँकड़ों को गिनने और व्यवस्थित करने के लिए किया जाता है। इसका आविष्कार अमेरिकी इंजीनियर हरमन होलेरिथा (Herman Hollerith) ने 1890 के दशक में किया था। इस मशीन ने जनगणना प्रक्रिया को बहुत अधिक तेज बना दिया है। सेंसस टैबुलेटर (Census Tabulator) एक विशेष प्रकार की इलेक्ट्रो-मैकेनिकल मशीन है जिसका उपयोग जनगणना के आंकड़ों को गिनने, और वर्गीकृत करने और सारणीबद्ध (Tabulate) करने के लिए किया जाता है।
यह मशीन पंच कार्ड तकनीक पर आधारित थी और इ से पहली बार 1990 की अमेरिकी जनगणना (U.S. Census) में सफलतापूर्ण उपयोग किया गया था। इस मशीन ने जनगणना क कार्य को कई वर्षों से घटाकर कुछ ही महीनों में पूरा करने में मदद की है।
सेन्सस टैबुलेटर (Census Tabulator) क्या है?
सेन्सस टैबुलेटर (Censusu Tablator) एक ऐसी मशीन है जो पंच कार्ड (Punched Cards) में दर्ज करके जानकारी को पढ़कर स्वचालित रुप से गिनती और वर्गीकरण करती थी। पहले जनगणना के आँँकड़ों की गणना हाथ से की जाती थी, जिसमें कई वर्ष लग जाते थे। होलेरिथ की मशीन की सहायता से यह कार्य बहुत कम समय में पूरा होने लगता है।
सेन्सस टैबुलेटर का इतिहास
सेन्सस टैबुलेटर एक विद्युत-यांत्रिक गणना मशीन थी, जिसका आविष्कार अमेरिकी सांख्यिकीविद हरमन होलेरिथ ने 1889-1890 के दौरान किया था। इस मशीन का मुख्य उद्देदेश्य जनगणना के आँकड़ों को तेजी के साथ और कम समय में संसाधित (Process) करना होता है।
19 वी शताब्दी के अंत में अमेरिका की जनसंख्या तेजी से बढ़ रही है। 1880 की अमेरिकी जनगणना के आँकड़ों को हाथ से संसाधित करने में लगभग 8 वर्ष लग गए है। इस समस्या को देखते हुए अमेरिकी सरकार ने ऐसी मशीन की आवश्यकता महसूस की जो जनगणना के विशाल आँकड़ो विश्लेषण कम समय मे कर सके। इस तकनीक का पहली बार 1890 की अमेरिकी जनगणन (U.S. Census) में सफलतापूर्वक उपयोग किया गया जहाँ पहले जनगणना के परिणाम तैयार करने में कई वर्ष लगते थे, सेंसस टैबुलेटर की सहायता से अधिकांश कार्य लगभग दो से तीन वर्ष में पूरा हो गया।
सेंसस टैबुलेटर की सफलता ने डेटा प्रोसेसिंग के क्षेत्र में एक नई क्रांति ला दी है बाद में हरमन होलेरिथ ने Tabulating Machine Company की स्थापना की आगे चलकर यह कंपनी अन्य कंपनियों के साथ विलय होकर International Business Machines (IBM) का हिस्सा बनी, जो आज दुनिया की कंप्यूटर और सूचना प्रौद्योगिकी कंपनियों में से एक है।
आविष्कारक (Inventor)
विषय | जानकारी |
|---|---|
आविष्कारक | हरमन होलेरिथ (Herman Hollerith) |
आविष्कार वर्ष | 1880 के दशक |
पहला उपयोग | 1890 की अमेरिकी जनगणना |
प्रकार | विद्युत-यांत्रिक मशीन |
Read more:
Difference Engine और Analytical Engine in Hindiसेंसस टैबुलेटर पंच कार्डों में संग्रहित जानकारी को पढ़कर स्वचालित रुप से गिनती, वर्गीकरण् और सारणीकरण करता था। इस तकनीक ने जनगणना के कार्य को पहले की तुलना में कहीं अधिक तेज और विश्वसनीय बना दिया तथा आधुनिक डेटा प्रोसेसिंग और कंप्यूटर तकनीक के विकास की नींव रखी गई थी।
सेंसस टैबुलेटर कैसे काम करता है।
सेंसस टैबुलेटर एक विद्युत-यांत्रिक मशीन है, जो पंच कार्ड तकनीक के आधार पर कार्य करती है इसमें प्रत्येक व्यक्ति की जानकारी पंचकार्ड पर छेद के रुप में दर्ज की जाती थी। मशीन इन छेदों को पढ़कर डेटा की गणना, वर्गीकरण और सारणीकरण करती है।
1. डेटा तैयार करना
सबसे पहले जनगणना के दौरान एकत्रित की गई जानकारी, जैसे, आयु, लिंग, वैवाहिक स्थिति, व्यवसाय और निवास स्थान आदि को पंच कार्ड पर छेद के रूप में दर्ज किया जाता है। प्रत्येक छेद किसी विशेष जानकारी का प्रतिनिधित्व करता है।
2. पंच कार्ड मशीन में डालना
तैयार किए गए पंच कार्डों को सेंसस टैबुलेटर में एक-एक करके डाला जाता था। मशीन कार्ड के प्रत्येक छेद को पढ़ने के लिए तैयार रहती है।
3. डेटा पढ़ना
जब पंच कार्ड मशीन के अंदर जाता है तो धातु के पिन कार्ड के छेदों से होकर नीचे स्थित विद्युत संपर्क को स्पर्श करते थे। जहाँ छेद होता है। वहाँ विद्युत परिपथ पूरा हो जाता है और संबंधित जानकारी मशीन द्वारा पहचान जाती है।
4. गणना और वर्गीकरण
मशीन प्राप्त जानकारी के आधार पर लोगों की संख्या गिनती थी और उन्हें श्रेणियों, जैसे पुरुष, महिला, आयु, वर्ग, व्यवसाय, राज्य या शहर आदि के अनुसार अलग-अलग वर्गीकृत करती है।
5. परिणाम प्राप्त करना
सभी पंच कार्डों की जानकारी पढ़ने के बाद मशीन कुल आँकड़ों को सारणी के रुप में प्रस्तुत करती है। इन परिणामों का उपायोग जनगणना रिपोर्ट तैयार करने और सरकारी योजनाओं के लिए किया जाता था।
सेंसस टैबुलेटर का फ्लो चार्ट
जनगणना डेटा (Census Data)
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पंच कार्ड तैयार करना
(Punch Card Creation)
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पंच कार्ड मशीन में डालना
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मशीन द्वारा डेटा पढ़ना
(Reading through Punch Cards)
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गणना एवं वर्गीकरण
(Counting & Sorting)
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सारणी (Tabulation)
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अंतिम परिणाम (Output)
Census Tabulator की कार्यप्रणाली
Census Tabulator पंच कार्ड के माध्यम से कार्य करता था।कार्य करने के चरण
| चरण | विवरण |
|---|---|
| 1 | जनगणना की जानकारी पंच कार्ड पर छेद (Holes) के रूप में दर्ज की जाती थी। |
| 2 | कार्ड को मशीन में डाला जाता था। |
| 3 | मशीन कार्ड के छेदों को पढ़ती थी। |
| 4 | विद्युत संकेतों (Electrical Signals) की सहायता से डेटा की गणना की जाती थी। |
| 5 | परिणाम काउंटर और सारणी (Table) के रूप में प्रदर्शित किए जाते थे। |
Census Tabulator की मुख्य विशेषताएँ
| विशेषता | विवरण |
|---|---|
| स्वचालित गणना | डेटा की तेज और सटीक गणना करता था। |
| पंच कार्ड तकनीक | जानकारी को पंच कार्ड में संग्रहित करता था। |
| उच्च गति | मैनुअल गणना की तुलना में बहुत तेज था। |
| त्रुटि में कमी | मानवीय गलतियों को कम करता था। |
| डेटा वर्गीकरण | विभिन्न श्रेणियों में डेटा को व्यवस्थित करता था। |
Census Tabulator के लाभ
- जनगणना प्रक्रिया को तेज बनाया।
- समय और श्रम की बचत हुई।
- बड़े पैमाने पर डेटा प्रोसेसिंग संभव हुई।
- परिणाम अधिक सटीक प्राप्त हुई।
- आधुनिक डेटा प्रोसेंसिग तकनीकों की नीव डालती है।
Census Tabulator की सीमाऍं
- केवल पंच कार्ड आधारित डेटा पर कार्य करता है।
- मशीन का आकार बड़ा है।
- प्रोग्रामिंग की सुविधा सीमित है।
- जटिल गणनाऍं नहीं कर सकता है।
- रखरखाव की आवश्यकता अधिक है।
Census Tabulator के महत्व
Census Tabulator को अधिक कंप्यूटरों के विकास में एक महत्वपूर्ण कदम माना जाता है। इस मशीन ने डेटा प्रोसेसिंग को स्वचालित बनाने की दिशा में क्रांति ला दी है। हरमन होलेरिथ की कंपनी बाद में विकसित होकर आई वी एम (IBM) का हिस्सा बनी, जिसने कंप्यूटर उद्योग में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
निष्कर्ष
सेंसस टैबुलेटर कंप्यूटर के इतिहास में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है जिसने डेटा प्रोसेसिंग के क्षेत्र में नई क्राति की शुरुआत की हरमन होलेरिथ द्वारा विकसित इस मशीन ने पंच कार्ड तकनीक का उपयोग करके जनगणना के विशाल आँकड़ो की गणना, वर्गीकरण और सारणीकरण को तेज और विश्वसनीय बनाया जा सकता है। इस मशीन के कारण 1890 की अमेरिकी जनगणना के परिणाम पहले की तुलना में बहुत कम समय मे तैयार किए जा सके, जिससे समय और श्रम लागत में उल्लेखनीय बचत हुई। सेंसस टैबुलेटर ने यह सिद्ध कर दिया कि मशीनों की सहायता से बड़े पैमाने पर डेटा का स्वचालित रूप से प्रसंस्करण (Automatic Data Processing) किया जा सकता है।FAQ
1. सेंसस टैबुलेटर का आविष्कार किसने किया था?
सेंसस टैबुलेटर का आविष्कार हरमन होलेरिथ ने किया था।
2. सेंसस टैबुलेटर का उपयोग किस लिए किया जाता था?
इसका उपयोग जनगणना के आँकड़ों को गिनने, वर्गीकृत करने और सारणीबद्ध करने के लिए किया जाता था।
3. सेंसस टैबुलेटर किस तकनीक पर आधारित था?
यह पंच कार्ड तकनीक पर आधारित है।
4. सेंसस टैबुलेटर का पहली बार उपयोग कब हुआ था?
इसका पहली बार उपयेाग 1890 की अमेरिकी जनगणना में किया गया था।
5. सेंसस टैबुलेटर का कंप्यूटर विकास में क्या योगदान है?
इसने स्वचालित डेटा प्रोसेसिंग की शुरुआत की और आधुनिक कंप्यूटरों के विकास की नींव रखी गई थी।
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