Fever in Hindi- बुखार क्या है? कारण, लक्षण और घरेलू इलाज

बुखार क्या है?

सामान्य रूप से मानव शरीर का तापमान लगभग 98.6°F (37°C) होता है। जब शरीर का तापमान इससे अधिक हो जाता है, तो उसे बुखार कहा जाता है। बुखार हल्का, मध्यम या तेज हो सकता है। यह शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली (Immune System) का संकेत देता है कि शरीर किसी संक्रमण से लड़ रहा है।

Fever in Hindi: आज कल मौसम बदलना और बुखार आना आम बात है ज़्यादातर मामलो में ये वायरल फीवर होता है जो 2-3 दिन में अपने आप ठीक हो जाता है। अगर बुखार लंबे समय तक रहे, बार-बार आए या बहुत तेज हो, तो ये मलेरिया, डेंगू, टायफाइड का भी संकेत हो सकता है। 
मेडिकल की भाषा में इसे हाइपरथर्मिया (Hyperthermia) और पायरेक्सिया (Pyrexia) कहते हैं। शरीर तापमान बढ़ाकर बैक्टीरिया, वायरस, फंगस व अन्य रोगो से लड़ता है।
Fever in Hindi- बुखार क्या है? कारण, लक्षण और घरेलू इलाज


बुखार के लक्षण ( Symptoms of Fever in Hindi ) 

बुखार एक सामान्य स्वास्थ्य समस्या है, जो लगभग हर उम्र के व्यक्ति को हो सकती है। बुखार अपने आप में कोई बीमारी नहीं है, बल्कि यह शरीर में किसी संक्रमण, सूजन या बीमारी का संकेत होता है। जब शरीर का तापमान सामान्य से अधिक हो जाता है, तो इस स्थिति को बुखार कहा जाता है। बुखार के साथ शरीर में कई प्रकार के लक्षण दिखाई देते हैं, जिनका समय पर ध्यान रखना बहुत जरूरी होता है।

बुखार के मुख्य लक्षण

बुखार के लक्षण व्यक्ति की उम्र, स्वास्थ्य स्थिति और बुखार के कारण पर निर्भर करते हैं। सामान्य रूप से बुखार में निम्नलिखित लक्षण देखने को मिलते हैं:



1. शरीर का तापमान बढ़ना

यह बुखार का सबसे प्रमुख लक्षण है। शरीर सामान्य से अधिक गर्म महसूस होता है।

2. ठंड लगना या कंपकंपी होना

कई बार तेज बुखार में व्यक्ति को ठंड लगती है और शरीर कांपने लगता है।

3. सिरदर्द

बुखार के दौरान सिर में भारीपन या तेज दर्द महसूस हो सकता है।

4. बदन और जोड़ों में दर्द

बुखार में शरीर टूटने जैसा महसूस होता है और मांसपेशियों तथा जोड़ों में दर्द रहता है।

5. कमजोरी और थकान

बुखार के कारण शरीर में ऊर्जा की कमी हो जाती है, जिससे अत्यधिक कमजोरी और थकावट महसूस होती है।

6. पसीना आना

जब बुखार कम होने लगता है, तो शरीर से पसीना आने लगता है।

7. भूख न लगना

बुखार में पाचन तंत्र कमजोर हो जाता है, जिससे भूख कम लगती है।

8. चक्कर आना

कुछ लोगों को बुखार के दौरान चक्कर आने या सिर घूमने की समस्या हो सकती है।

9. गले में खराश या खांसी

यदि बुखार सर्दी–जुकाम या वायरल संक्रमण के कारण है, तो गले में खराश और खांसी भी हो सकती है।

10. उल्टी या दस्त

कुछ मामलों में बुखार के साथ उल्टी, मतली या दस्त जैसे लक्षण भी दिखाई देते हैं।

बच्चों में बुखार के लक्षण

बच्चों में बुखार के लक्षण वयस्कों से थोड़े अलग हो सकते हैं, जैसे:

  • ज्यादा रोना या चिड़चिड़ापन

  • दूध या खाना न पीना

  • सुस्ती या ज्यादा नींद आना

  • शरीर का बहुत गर्म महसूस होना

तेज बुखार के गंभीर लक्षण

यदि बुखार बहुत अधिक हो जाए, तो निम्न लक्षण खतरनाक हो सकते हैं:

  • 103°F से अधिक तापमान

  • लगातार उल्टी

  • सांस लेने में परेशानी

  • बेहोशी या दौरे पड़ना

  • शरीर पर लाल चकत्ते

ऐसी स्थिति में तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।


बुखार के प्रकार (Types of Fever in Hindi)

बुखार एक सामान्य स्वास्थ्य समस्या है, लेकिन इसके कई प्रकार होते हैं। बुखार अपने आप में कोई बीमारी नहीं है, बल्कि यह शरीर में मौजूद किसी संक्रमण, सूजन या अन्य स्वास्थ्य समस्या का संकेत होता है। बुखार के प्रकार को समझना बहुत जरूरी है, क्योंकि अलग-अलग प्रकार के बुखार के लक्षण, कारण और इलाज अलग होते हैं।

बुखार के प्रकार (Types of Fever in Hindi)


बुखार के मुख्य प्रकार Main Types of Fever

1. हल्का बुखार (Low Grade Fever)

हल्का बुखार तब होता है जब शरीर का तापमान 99°F से 100°F के बीच रहता है। यह आमतौर पर हल्के संक्रमण, थकान या मौसम परिवर्तन के कारण होता है। यह ज्यादा गंभीर नहीं होता और घरेलू उपायों से ठीक हो सकता है।

2. तेज बुखार (High Fever)

जब शरीर का तापमान 103°F या उससे अधिक हो जाए, तो उसे तेज बुखार कहा जाता है। यह गंभीर संक्रमण का संकेत हो सकता है और इसमें डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी होता है।

3. वायरल बुखार (Viral Fever)

वायरल बुखार वायरस के संक्रमण के कारण होता है। इसमें सर्दी, खांसी, बदन दर्द, सिरदर्द और कमजोरी जैसे लक्षण होते हैं। यह आमतौर पर 3 से 5 दिनों में ठीक हो जाता है।

4. बैक्टीरियल बुखार (Bacterial Fever)

यह बुखार बैक्टीरिया के संक्रमण से होता है, जैसे टाइफाइड, निमोनिया या यूरिन इन्फेक्शन। इस प्रकार के बुखार में एंटीबायोटिक दवाओं की जरूरत पड़ सकती है।

5. मलेरिया बुखार (Malaria Fever)

मलेरिया बुखार मच्छरों के काटने से होता है। इसमें ठंड लगना, कंपकंपी, तेज बुखार और पसीना आने जैसे लक्षण होते हैं। यह गंभीर बुखार होता है और तुरंत इलाज जरूरी है।

6. डेंगू बुखार (Dengue Fever)

डेंगू भी मच्छर से फैलने वाला बुखार है। इसमें तेज बुखार, आंखों के पीछे दर्द, जोड़ों में दर्द और प्लेटलेट्स कम होना शामिल है। डेंगू में लापरवाही जानलेवा हो सकती है।

7. टाइफाइड बुखार (Typhoid Fever)

यह दूषित भोजन और पानी से फैलने वाला बुखार है। इसमें लंबे समय तक बुखार, कमजोरी, पेट दर्द और भूख न लगना शामिल है।

8. आवर्ती बुखार (Intermittent Fever)

इस प्रकार का बुखार कुछ समय के लिए आता है और फिर ठीक हो जाता है, लेकिन बाद में दोबारा लौट आता है। मलेरिया इसका एक उदाहरण है।

9. लगातार रहने वाला बुखार (Continuous Fever)

इसमें बुखार लंबे समय तक बना रहता है और तापमान में बहुत अधिक उतार-चढ़ाव नहीं होता। यह टाइफाइड जैसी बीमारियों में देखा जाता है।

10. अज्ञात कारण का बुखार (Fever of Unknown Origin)

जब बुखार लंबे समय तक बना रहे और कारण पता न चले, तो इसे अज्ञात कारण का बुखार कहा जाता है। इसमें विशेष जांच की आवश्यकता होती है।

बच्चों और बुजुर्गों में बुखार

बच्चों और बुजुर्गों में बुखार अधिक खतरनाक हो सकता है। इन उम्र वर्गों में बुखार के प्रकार की पहचान और समय पर इलाज बहुत जरूरी होता है।

बुखार के घरेलू उपाय

  • ज्यादा से ज्यादा पानी पिएं

  • आराम करें

 •  तुलसी या अदरक का काढ़ा पिएं

 •  गुनगुने पानी से स्पंजिंग करें

 •  हल्का और सुपाच्य भोजन करें

बुखार से रोकथाम ( Prevention of Fever in Hindi )

  • मास्क पहने और सामाजिक दूरी बनाएं रखे। 

  • बच्चों को हाथों को अच्छी तरह से धोना सिखाएं। 

  • नाक, मुंह या आंखों को छूने से बचे। इससे वायरस और बैक्टीरिया शरीर में पहुंचकर इन्फेक्शन पैदा कर सकते हैं। 

  • इन्फ्लूएंजा और कोविड -19 जैसी संक्रामक बीमारियों के लिए जरुरी टीका लगवाएं।

  • खांसते समय अपना मुंह और छींकते समय अपनी नाक ढक लें अगर संभव हो तो दूसरों से दूर हो जाएं।


बुखार के दौरान जीवनशैली में बदलाव

  • • आरामदायक रहने के लिए हल्के कपड़े पहनें और कमरे को ठंडा रखें।
  • • संक्रमण को फैलने या उससे बचने के लिए अच्छी स्वच्छता बनाए रखें।
  • • अपने शरीर को तेजी से ठीक करने के लिए अच्छी तरह आराम करें।
  • • पाचन तंत्र पर दबाव से बचने के लिए हल्का एवं आसानी से पचने वाला भोजन खाएं।
  • Fever : बुखार क्या है? जानें इसके कारण, लक्षण और उपाय


  • बच्चों में बुखार बनाम वयस्कों में बुखार

    नीचे दी गई तालिका बच्चों और वयस्कों में बुखार के मुख्य अंतर को स्पष्ट रूप से दर्शाती है:

    क्रम संख्याबिंदुबच्चों में बुखारवयस्कों में बुखार
    1सामान्य शरीर तापमानलगभग 98.6°F (37°C)लगभग 98.6°F (37°C)
    2बुखार की शुरुआतअचानक और तेजी सेधीरे-धीरे
    3बुखार की पहचान100.4°F (38°C) या अधिक100°F (37.8°C) या अधिक
    4मुख्य कारणवायरल इंफेक्शन, टीकाकरण, दांत निकलनावायरल/बैक्टीरियल इंफेक्शन, थकान
    5सामान्य लक्षणरोना, चिड़चिड़ापन, सुस्तीसिरदर्द, बदन दर्द, कमजोरी
    6ठंड लगनाकमज्यादा
    7पसीना आनाकमज्यादा
    8भूख पर असरदूध/खाना कम लेनाभूख कम लगना
    9पानी की कमी (डिहाइड्रेशन)जल्दी हो सकती हैअपेक्षाकृत कम
    10इम्यून सिस्टमकमजोर/विकसित हो रहामजबूत
    11दौरे का खतराअधिक (Febrile Seizures)बहुत कम
    12बुखार की अवधि1–3 दिन3–5 दिन
    13घरेलू देखभालतरल पदार्थ, हल्के कपड़ेआराम, तरल पदार्थ
    14दवा देने की सावधानीकेवल डॉक्टर की सलाह सेसीमित मात्रा में
    15डॉक्टर को कब दिखाएं102°F से ऊपर या सुस्ती103°F से ऊपर
    16जटिलताओं का खतराज्यादाकम
    17रिकवरी स्पीडतेजथोड़ी धीमी
    18विशेष सावधानीलगातार निगरानी जरूरीस्वयं देखभाल संभव

    डॉक्टर को कब दिखाएं?

      • बुखार 3 दिन से अधिक रहे

      • तेज बुखार (103°F से ऊपर) हो

     • उल्टी, सांस लेने में दिक्कत या बेहोशी हो

     •  बच्चों या बुजुर्गों में बुखार हो
    बुखार क्या है?। What is fever



    निष्कर्ष

    बुखार के प्रकार को समझना सही इलाज के लिए बहुत जरूरी है। हल्का बुखार घरेलू उपायों से ठीक हो सकता है, लेकिन गंभीर बुखार में डॉक्टर की सलाह लेना आवश्यक है। समय पर पहचान और उचित देखभाल से बुखार से होने वाली जटिलताओं से बचा जा सकता है।

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