Bukhar Ke Gharelu Nuskhe बुखार के घरेलू नुस्खे

 मौसम बदलना शुरू हो गया है, और इसके साथ ही बीमारियों की समस्या भी बढ़ने लगी है। इनमें से फ्लू, वायरल आदि आम समस्याएँ हैं, जो मौसम बदलते ही तेजी से फैलने लगती हैं। हमारे शरीर का सामान्य तापमान 97-99 डिग्री फारेनहाइट के बीच रहता है, लेकिन जब यह 100 डिग्री से ऊपर पहुँच जाता है, तो इसे बुखार कहा जाता है।

वैसे तो बुखार कोई गंभीर बीमारी नहीं है, लेकिन सही समय पर इलाज न कराने या लंबे समय तक बुखार रहने से शरीर में कमजोरी आ सकती है। यह आरबीसी और प्लेटलेट्स की संख्या को भी कम कर सकता है। यदि आपका बुखार सामान्य है, तो यह घर पर भी ठीक हो सकता है।

इस ब्लॉग के माध्यम से हम बुखार के लक्षण, कारणों और बुखार उतारने के घरेलू उपाय के बारे में जानकारी देने की कोशिश करेंगे।





बुखार में कारगर घरेलू उपाय

1. गुनगुना पानी पीते रहें

शरीर को हाइड्रेट रखना बहुत ज़रूरी है। गुनगुना पानी या हल्का सूप पिएँ।

2. तुलसी का काढ़ा

5–6 तुलसी के पत्ते पानी में उबालकर पिएँ। चाहें तो थोड़ा शहद मिला सकते हैं।

3. अदरक और शहद

थोड़ा सा अदरक का रस + शहद मिलाकर दिन में 1–2 बार लें (छोटे बच्चों को शहद न दें)।

4. गुनगुने पानी से स्पॉन्जिंग

कपड़े को गुनगुने पानी में भिगोकर शरीर पोंछें—इससे तापमान कम करने में मदद मिलती है।

5. आराम करें

पूरा आराम लें। शरीर को लड़ने का समय चाहिए।

6. हल्का भोजन

खिचड़ी, दाल का पानी, सूप जैसे हल्के और सुपाच्य भोजन लें।

7. धनिया का पानी

धनिया के बीज पानी में उबालकर छान लें और ठंडा करके पिएँ—यह ठंडक देता है।

बुखार के घरेलू नुस्खे (Bukhar ke Gharelu Upay)

बुखार शरीर की एक प्राकृतिक प्रतिक्रिया है, जो यह बताती है कि शरीर किसी संक्रमण से लड़ रहा है। हल्का बुखार अक्सर घरेलू उपायों से ठीक हो सकता है। सही देखभाल और आराम से शरीर जल्दी स्वस्थ हो जाता है।


1. पर्याप्त आराम करें

बुखार में शरीर कमजोर हो जाता है, इसलिए पूरा आराम बहुत ज़रूरी है। अधिक काम करने से बुखार बढ़ सकता है। नींद शरीर की रोग-प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करती है।

2. गुनगुना पानी और तरल पदार्थ

बुखार में शरीर में पानी की कमी हो जाती है। गुनगुना पानी, नारियल पानी, दाल का पानी या सूप पीते रहें। इससे शरीर हाइड्रेट रहता है और विषैले तत्व बाहर निकलते हैं।

3. तुलसी का काढ़ा

तुलसी में रोगाणुरोधी गुण होते हैं। 5–7 तुलसी के पत्ते पानी में उबालकर काढ़ा बनाएँ और दिन में 1–2 बार पिएँ। यह वायरल और सर्दी-जुकाम से होने वाले बुखार में लाभदायक होता है।

4. अदरक का उपयोग

अदरक में गर्म तासीर होती है। अदरक का छोटा टुकड़ा पानी में उबालकर चाय की तरह पिएँ। इससे शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है और बुखार में आराम मिलता है।

5. शहद और नींबू

गुनगुने पानी में थोड़ा शहद और नींबू मिलाकर पीने से गले को आराम मिलता है और शरीर को ऊर्जा मिलती है। ध्यान रखें कि छोटे बच्चों को शहद न दें।

6. गुनगुने पानी से स्पॉन्जिंग

तेज़ बुखार होने पर गुनगुने पानी से शरीर को पोंछें। इससे शरीर का तापमान धीरे-धीरे कम होता है। बहुत ठंडा पानी न इस्तेमाल करें।

7. हल्का और सुपाच्य भोजन

बुखार में भारी भोजन न करें। खिचड़ी, दलिया, सब्ज़ी का सूप या फल जैसे हल्के भोजन लें। इससे पाचन पर ज़ोर नहीं पड़ता।

8. धनिया का पानी

धनिया के बीज पानी में उबालकर छान लें और ठंडा करके पिएँ। यह शरीर को ठंडक देता है और बुखार में लाभ करता है।

9. कमरे का वातावरण

कमरा हवादार रखें, लेकिन ठंडी हवा या पंखे की तेज़ हवा सीधे शरीर पर न लगने दें। आरामदायक कपड़े पहनें।

बुखार के घरेलू नुस्खे (बुखार के घरेलू उपचार)

बुखार एक आम बीमारी है जो संक्रमण, थकान, या मौसम बदलने की वजह से हो सकती है। हल्का बुखार अक्सर घर पर ही साधारण घरेलू नुस्खों से ठीक हो जाता है। नीचे कुछ सुरक्षित और आसान घरेलू उपाय दिए गए हैं:

1. पानी और तरल पदार्थ

बुखार में शरीर को ज़्यादा पानी चाहिए होता है।
गरम पानी
निम्बू पानी
नारियाल पानी
शोरबा
डिहाइड्रेशन से बचाव है और रिकवरी में मदद करता है।

2. तुलसी और अदरक

तुलसी के पत्ते और अदरक को पानी में उबाल कर पीने से बुखार कम हो सकता है।
ये इम्युनिटी को भी मजबूत बनाता है।

3. गरम पानी से स्पंज

हल्का गरम पानी लेकर शरीर को स्पंज करना (पूछना) तापमान को नियंत्रित करने में मदद करता है।

4. आराम और नींद

बुखार के दौरन शरीर को पूरा आराम देना बहुत ज़रूरी है। अच्छी नींद से बॉडी इन्फेक्शन से लड़ती है।

5. हल्का और पौष्टिक खाना

खिचड़ी
दलिया
उबले हुए सब्जी
पेट पर बोझ नहीं पड़ता और ऊर्जा मिलती है।

6. हल्दी वाला दूध

रात को गरम दूध में थोड़ी सी हल्दी मिलाकर पीने से इन्फेक्शन से लड़ने में मदद मिलती है।

नोट: अगर बुखार ज़्यादा दिन तक रहे, बहुत तेज़ हो, या साथ में दूसरे गंभीर लक्षण (जैसा तेज़ दर्द, उलटी, या चक्कर) हो, तो डॉक्टर से सलाह लेना ज़रूरी है।


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