Motherboard क्या है - What Is a Motherboard? Definition, Types, Components, and Functions

मदरबोर्ड क्‍या है? मदरबोर्ड के बारे में जाने पूरी जानकारी 

मदरबोर्ड कंप्‍यूटर के अंदर लगा एक सर्किट बोर्ड होता है, जिसमें इलेक्ट्रिकल कंपोनेंट्स लगे होते है और यह उन्‍हें आपस में कम्‍युनिकेट करने में मदद करता है। 

Motherboard क्या है


कंप्‍यूटर की परफॉर्मेंस का श्रेय अक्‍सर उसके दमदार सीपीयू या ज्‍यादा रैम को दिया जाता है। लेकिन, असल में इन पार्ट्स को काम करने लायक बनाने वाला अनसंग हीरो मदरबोर्ड ही है। इस मुख्‍य आधार के बिना, सबसे एडवांस्‍ड प्रोसेसर और मेमोरी मॉडयूल भी सिलिकॉन के बस अलग-अलग टुकड़े बनकर रह जाते हैं, जो एक-दूसरे के साथ मिलकरकाम नहीं कर सकते है। 

मदरबोर्ड किसी भी कंप्‍यूटर का मुख्‍य प्रिंटेड सर्किट बोर्ड (PCB) होता है, चाहे वह बड़े एंटरप्राइज सर्वर हों या छोटे ऑफिस डेस्‍कटॉप। यह सेंट्रल नर्वस सिस्‍टम की तरह काम करता है, जो दूसरे सभी कनेक्‍शन देता है। इसे आप रीढ़ की तरह समझ सकते हैं जो पूरे सिस्‍टम्‍ को सहारा देती है और उसे एक साथ जोड़कर रखती है। 

IT प्रोफेशनल्‍स के लिए यह समझना बहुत जरूरी है कि मदरबोर्ड क्‍या है और यह क्‍या काम करता है। यह जानकारी हार्डवेयर खरीदने, सिस्‍टम को अपग्रेड करने और समस्‍याओं को ठीक करने (ट्रबलशूटिंग) में मदद करती है। सही मदरबोर्ड सिस्‍टम में स्थिरता लाता है और भविष्‍य में विस्‍तार के लिए एक अच्‍छा प्‍लेटफॉर्म देता है, जबकि गलत चुनाव से परफॉर्मेंस में रूकावटें आ सकती हैं और सिस्‍टम की क्षमता सीमित हो सकती है। 

मदरबोर्ड की परिभाषा

मदरबोर्ड एक प्रिंटेड सर्किट बोर्ड (PCB) है जिसमें कई स्‍लॉट, पोर्ट, कनेक्‍टर और सर्किट होते है, जिन्‍हें कंप्‍यूटर के अलग-अलग हार्डवेयर हिस्‍सों को जोड़ने के लिए बनाया गया है। इसमें प्रोसेसर लगाने के लिए सीपीयू सॉकेट, मेमोरी के लिए रैम स्‍लॉट, और स्‍टोरेज ड्राइव व अन्‍य डिवाइस को जोड़ने के लिए जोड़ने के लिए कई कनेक्‍टर और एक्‍सपेंशन स्‍लॉट होते है। 

मदरबोर्ड का मुख्‍य काम क्‍या है?

मदरबोर्ड कई जरूरी काम करता है। इसके मुख्‍य काम इस प्रकार है:
  1. मदरबोर्ड कंप्‍यूटर के अलग-अलग हार्डवेचयर कंपोनेंट्स जैसे CPU, RAM, स्‍टोरेज और ग्राफिक्‍स कार्ड को एक-दूसरे से जोड़ता है।
  2.  मदरबोर्ड के जरिए कंप्‍यूटर के अलग-अलग कंपोनेंट्स के बीच डेटा और निर्देशों का आदान-प्रदान होता है। 
  3.  पावर सप्‍लाई से मिलने वाली बिजली को मदरबोर्ड के जरिए अल-अलग कंपोनेंट्स तक पहुँचाया जाता है।   
  4.  सीपीयू को लगाने के लिए मदरबोर्ड पर एक खास सीपीयू सॉकेट दिया जाता है। 
  5.  रैम लगाने के लिए मदरबोर्ड में मेमोरी स्‍लॉट होते है।
  6. HDD, SSD और दूसरे स्‍टोरेज डिवाइस मदरबोर्ड के जरिए कंप्‍यूटर से जोड़े जाते है। 
  7. ग्राफिक्‍स कार्ड साउडं कार्ड और नेटवर्क कार्ड जैसे एक्‍सपेंशन डिवाइस को जोड़ने के लिए मदरबोर्ड पर एक्‍सपेंशन स्‍लॉट दिए जाते हैं। 

मदरबोर्ड के प्रकार 

यह समझने क लिए कि मदरबोर्ड क्‍य होते हैं और वे क्‍या काम करते है, हमें सबसे पहले उनके अलग-अलग प्रकारों और विशेषताओं को देखना होगा।

1. एडवांस्‍ड टेक्‍नोलॉजी मदरबोर्ड 

अपने बड़े आकार जिसे मिलीमीटर के सौवे हिस्‍से में मापा जा सकता है के कारण, ये मदरबोर्ड छोटे डेस्‍कटॉप कंप्‍यूटर के साथ ठीक से कम नहीं करते हैं। इनके बड़े आकार की वजह से नए हार्डवेयर ड्राइवर इंस्‍टॉल करना मुश्किल होता है। 

इन मदरबोर्ड पर पावर कनेशन सॉकेट और प्‍लग के रूप में होते हैं, जिनमें स हर एक में छह प्रोंग (पिन) होते हैं। इन पावर कनेक्‍शन को पहचानने में मुश्किल होने के कारण, यूजर्स को अक्‍सर इन्‍हें कनेक्‍ट करने और चलाने में परेशानी होती है। 1980 के दशक में इस तरह के मदरबोर्ड बहुत लोकप्रिय थे और 2000 के दशक तक इनका निर्माण होता रहा। 

2. स्‍टैंडर्ड ATX मदरबोर्ड

ATX, AT मदरबोर्ड का एक बेहतर वर्शन है जिसे Intel ने 1990 के दशक में बनाया था। इसके नाम का मतलब है ''एडवांस्‍ड टेक्‍नोलॉजी एसटेडेड'' और इसके शुरुआती अक्षर ''एडवांस्‍ड टेक्‍नोलॉजी'' को दर्शाते हैं। AT के मुकाबले, यह काफी कॉम्‍पैक्‍ट है और इससे जुड़े कंपोनेंट्स को आपस में बदला जा सकता है। इसक कनेक्‍शन एलिमेंट्स में काफी सुधार और विकास हुआ है। 

3. Micro ATX मदरबोर्ड 

इन मदरबोर्ड की लंबाई और चौड़ाई मिलीमीटर में 244 mm होती है (साइज का माप बनाने वाली कंपनी के हिसाब से अलग-अलग हो सकता है) स्‍टैंडर्ड ATX बोर्ड की तुलना में मदरबोर्ड में कम पोर्ट और स्‍लॉट होते है।

जो यूजर बहुत ज्‍यादा कनेक्‍शन और बाद में अपग्रेड (जैसे ज्‍यादा RAM, एक्‍स्‍ट्रा GPU या दूसरे पेरिफेरल कंपोनेट इंटरकनेट (PCI) कार्ड जोड़ना) नहीं चाहते, उनके लिए दूसरे मदरबोर्ड के मुकाबले इस तरह का मदरबोर्ड के मकाबले इस तरह का मदरबोर्ड ज्‍यादा सही रहता है।

इस मदरबोर्ड को ऐसे को किसी भी केस में लगाया जा सकता है जिसमें 244 mm x 244 mm के लिए काफी जगह हो इसे उन बड़े के में भी लगाया जा सकता है जो स्‍टैडर्ड ATX या एक्‍सटेंडेड मदरबोर्ड के साथ काम करे हैं।             

4. eXtende ATX मदरबोर्ड

इस मदरबोर्ड का साइज 344 मिलीमीटर × 330 मिलीमीटर होता है (अलग-अलग मैन्‍युफैक्‍चरर्स के हिसाब से साइज अलग-अलग हो सकता है)। यह मदरबोर्ड सिंगल या टिवन CPU  कॉन्फिगरेशन को सपोर्ट करता है और इसमें आठ तक RAM स्‍लॉट होते हैं। 

इसके अलावा, इसमें ज्‍यादा संख्‍या में PCIe (जहाँ e का मतलब Express है) PCI स्‍लॉट होते हैं, जिनका इस्‍तेमाल कई तरह के कामों के लिए  PCI कार्ड जोड़ने में किया जा सकता है। वर्कस्‍टेशन और सर्वर दोनों ही इस मदरबोर्ड का इस्‍तेमाल कर सकते हैं। सभी eATX मदरबोर्ड में काफी जगह होती है, जिससे ये डेस्‍कटॉप कंप्‍यूटर के लिए बहुत अच्‍छे होतें, क्‍योंकि इनमें हवा के बहाव और अलग-अलग कंपोनंट्स को जोड़ने के लिए काफी जगह मिलती है। 

5. Flex ATX Motheroard

ये ATX फॉर्म फैक्‍टर वाले मदरबोर्ड उतने लोकप्रिय नहीं है जितने कि दूसरे ATX फॉर्म फैक्‍टर वाले मदरबोर्ड ATX फैक्‍टर वाले मदरबोर्ड में इन्‍हें सबसे छोटा (कॉम्‍पैक्‍ट) माना जाता है। इन्‍हें कम से जगह घेरने और कम कीमत पर उपलब्‍ध कराने के लिए डिजाइन किया गया था। Flex ATX, Mini ATX का ही एक बदला हुआ रूप है जिसे Intel ने 1999-2000 के बीच बनाया था। यह एक मदरबोर्ड स्‍टैंडर्ड है।

6.  Low-Profile Extended (LPX) Motherboard

पिछले वर्जन की तुलना में, इसमें दो बड़े सु‍धार किए गए हैं। पहला बदलाव यह था कि इनपुट और आउटपुट पोर्ट को डिवाइस के पिछले हिस्‍से में कर दिया गया, और दूसरा बदलाव एक राइजर कार्ड को जोड़ना था, जिससे डिवाइस में अतिरिक्‍त स्‍लॉट मिल सके और कंपोनेंट्स को जोड़ना आसान हो जाए। 

AT मदरबोर्ड में भी इनमें से कुछ फंक्‍शन मौजूद हैं। इस बोर्ड की मुख्‍य कमी यह है कि इसमें कोई AGP (एक्‍सेलरेटेड ग्राफिक पोर्ट) पोर्ट नहीं होता है, जिसके कारण PCI से सीधा कनेक्‍शन बनाना पड़ता है। नए लो-प्रोफाइल एक्‍सटेंडेड NLX बोर्ड में इन मदरबोर्ड की कमियों को दूर किया गया है। 

7. BTX Motherboard

BTX (बैलेंस्‍ड टेक्‍नोलॉजी एक्‍सटेंडेड) एक ऐसी स्‍ट्रेटेजी है जिसे नई टेक्‍नोलॉजी की जरूरतों को पूरा करने के लिए बनाया गया था। इन टेक्‍नोलॉजी मेंज्‍यादा पावर की खपत होती है और इस वजह से ज्‍यादा गर्मी निकलती है। 2000 के दशक के बीच में Intel ने कम पावर वाले CPU पर ध्‍यान देने के लिए BTX बोर्ड का भविष्‍य में प्रोडक्‍शन बंद कर दिया। 

8. Mini STX Motherboard

जिस मदरबोर्ड को अब Mini-STX ('Mini Socket Technology Extended' का छोटा रूप) के नाम से जाना जाता है, उसका असली नाम "Intel 5×5" था। हालाँँकि इसे 2015 में पेश किया गया था, लेकिन इस बोर्ड का साइज 147 मिलीमीटर गुणा 140 मिलीमिटर है। यह लंबाई में 5.8 इंच और चौड़ाई में 5.5 इंच के बराबर है इसलिए 5×5 नाम थोड़ा भ्रमित करने वाला है। 

Mini-STX बार्ड आगे से पीछे की ओर 7 मिलीमीटर ज्‍यादा लंबा है, जिससे इसका आकार कुछ हद तक आयताकार (rectangular) हो जाता है यह दूसरे छोटे फॉर्म-फैक्‍टर बोर्ड जैसे Next Unit of Computing (NUC) या Mini-ITX- के साइज से अलग है जो चौकोर (Square) होते हैं। 

9. Pico BTX Motherboard

स्‍टैंडर्ड मदरबोर्ड की तुलना में छोटेसाइज के कारण इन बोर्ड्स को Pico कहा जाता है। हालाँँकि ये BTX स्‍पेसिफिकेशन के ऊपरी हिस्‍से का इस्‍तेमाल करते हैं, फिर भी इनमें दो एक्‍सपेंशन स्‍लॉट होते हैं।  इनकी मुख्‍य विशेषताओं में हाफ-हाइट या राइजर कार्ड का इस्‍तेमाल शामिल है, और इन्‍हें डिजिटल एप्‍लीकेशन की जरूरतो को पूरा करने के लिए डिजाइन किया गया है। 

10. Mini ITX Motherboard

यह ध्‍यान रखना जरूरी है कि ITX (Information Technology eXtended) मदरबोर्ड का कोई ''रेगुलर-साइज'' वर्शन नहीं होता बल्कि इसे पुराने वर्जन की तुलना में बहुत छोटा बनाया गया है। 2000 के दशक में विकसित इस मदरबोर्ड का साइज 17 x 17 सेटीमीटर होता है। 

कम बिजली की खपत और बेहतर कूलिंग क्षमता के कारण, इसका इस्‍तेमाल मुख्‍य रूप से Small Form Factor (SFF) कंप्‍यूटर में किया जाता है। यह बहुत कम फैन शोर के साथ काम करता है, इसलिए होम थिएटर सिस्‍टम के लिए इसे बहुत अच्‍छा माना जाता है, क्‍योंकि यह सिस्‍टम की कुल परफॉर्मेस को बेहतर बनाता है। 

मदरबोर्ड कैसे काम करता है?  How Does a Motherboard Work?

जब आप अपना कंप्‍यूटर चालू करते हैं तो पावर सप्‍लाई मदरबोर्ड को बिजली भेजती है ताकि कंप्‍यूटर उसका इस्‍तेमाल कर सके। डेटा चिपसेट के हिस्‍सों के बीच डेटा बस के जरिए भेजा जाता है और यह साउथब्रिज और नॉर्थब्रिज सेक्‍शन के बीच आता-जाता है। 

CPU, RAM या PCIe के साथ डेटा कनेक्‍शन नॉर्थब्रिज हिस्‍से के जरिए बनते हैं। जब RAM, CPU  को इनपुट देना शुरु करती है तो RAM  के कामों को CPU सबसे पहले आउटपुट के तौर पर समझता है। PCLe पर लिखे जाने के बाद, डेटा को आपके पास मौजूद कार्ड के आधार पर या तो कॉपी किया जाता है या फिर एक्‍सपेंशन कार्ड पर भेजा जाता है। 

बेसिक इनपुट/आउटपुट सिस्‍टम (BIOS), यूनिवर्सल सीरियल बस (USB) सीरियल एडवांस्‍ड टेक्‍नोलॉजी अटैचमेंट (SATA) और PCI बस से डेटा कनेक्‍शन को साउथब्रिज कंपोनेंट मैनेज करता है। आपका कंप्‍यूटर BIOS को भेजे गए सिग्‍नल की वजह से चालू हो पाता है और SATA को भेजा गया डेटा आपके ऑप्टिकल, हार्ड डिस्‍क और सॉलिड- स्‍टेट ड्राइव को ''जगाता'' है। वीडियो कार्ड, नेटवर्क कार्ड और साउंड कार्ड को SATA पर स्‍टोर जानकारी से पावर मिलती है। 

बाकी कंपोनेंट इलेक्ट्रिकल सिग्‍नल के जरिए एक-दूसरे से जुड़ते हैं, जो उनके लिए एक हब का काम करता है। ये डेटा बसें माइक्रोचिप के नॉर्थब्रिज या साउथब्रिज एलिमेंट से होकर गुजरती हैं, और फिर CPU, RAM, PCI PCLe जैसे दूसरे कंपोनेंट तक पहुँचती है। 

बस के जरिए भेजी जाने वाली जानकारी को प्रोग्रामिंग भाषा (0 और 1) का इस्‍तेमाल करके एनकोड किया जाता है। तो मदरबोर्ड उसे प्रोसेस करता है और ऐसी भाषा में बदलता है जिसे दूसरा कंपोनेंट समझ सके आज के ज्‍यादातर कंप्‍यूटर सिस्‍टम में यह सब कुछ पल भर में हो जाता है, और इनपुट और आउटपुट के बीच लगभग कोई देरी नहीं होती है। 


key Components of a Motherboard

12 key Components of a Motherboard

key Components of a Motherboard

1. Mouse and Keyboard Connectors

कंप्‍यूटर  मदरबोर्ड में दो अलग-अलग कनेक्‍टर होने चाहिए जिनसे यूजर बाहरी माउस और कीबोर्ड कनेक्‍ट कर सकें ये कनेक्‍टर कंप्‍यूटर को निर्देश भेजने और उससे जवाब पाने में मदद करते हैं। कीबोर्ड और माउस के लिए दो तरह के कनेक्‍टर होते है PS/2 और USE पर्सनल सिस्‍टम/2 (PS/2) पोर्ट एक छह-पिन वाला मिनी-DIN कनेक्‍टर है, जिसका इस्‍तेमाल IBM-कम्‍पैटिबल कंप्‍यूटर से माउस या कीबोर्ड कनेक्‍ट करने के लिए किया जाता है। दूसरे कंप्‍यूटर माउस या कीबोर्ड कनेक्‍ट करने के लिए USB पोर्ट का इस्‍तेमाल करते हैं। 

2. यूनिवर्सल सीरियल बस Universal Serial Bus (USB)

USB एक कंप्‍यूटर इंटरफेस है जो कंप्‍यूटर को फोन जैसे दूसरे डिवाइस से जोड़ता है। USB पोर्ट मदरबोर्ड का एक अहम हिस्‍सा है, जो यूजर्स को प्रिंटर, स्‍कैनर और पेन ड्राइव जैसे बाहरी डिवाइस को कंप्‍यूटर से जोड़ने की सुविधा देता है। साथ ही, यह डिवाइस और कंप्‍यूटर के बीच डेटा ट्रांसफर करने में भी मदद करता है। USB पोर्ट की मदद से यूजर्स सिस्‍टम को रीस्‍टार्ट किए बिना ही बाहरी डिवाइस कनेक्‍ट कर सकते हैं। यूएसवी के कई प्रकार है जैसे USB-A, USB-B, USB-mini, micro-USB, USB-C USB-3।

3. CPU

CPU सेंट्रल प्रोसेसिंग यूनिट को आमतौर पर कंप्‍यूटर का दिमाग कहा जाता है। CPU कंप्‍यूटर के सभी कामों को कंट्रोल करता है। CPU अलग-अलग आकर-प्रकार (फॉर्म फैक्‍टर) में आते हैं और हर एक के लिए मदरबोर्ड पर एक खास स्‍लॉट की जरूरत होती है। एक CPU में एक या एक से ज्‍यादा कोर हो सकते हैं। सिंगल कोर वाला CPU एक बार में सिर्फ एक ही काम कर सकता है, जबकि मल्‍टीपल कोर वाले CPU एक साथ कई काम कर सकते हैं। 

4. RAM Memory

RAM स्‍लॉट रैंडम एक्‍सेस मेमोरी (RAM) को मदरबोर्ड से जोड़ते हैं। RAM कंप्‍यूटर को उन फाइलों और प्रोग्रामों को अस्‍थायी रूप से स्‍टोर करने की सुविधा देती है जिन्‍हें CPU एक्‍सेस कर रहा होता है। ज्‍यादा RAM क्षमता वाले कंप्‍यूटर वाले कंप्‍यूटर बड़ी फाइलों और प्रोग्रामों को होल्‍ड और प्रोसेस कर सकते हैं, जिससे परफॉर्मेंस बेहतर होती है। हालाँकि, कंप्‍यूटर बंद होने पर RAM का डेटा मिट जाता है। आमतौर पर कंप्‍यूटर में दो RAM स्‍लॉट होते हैं। हालाँकि, कुछ कंप्‍यूटरों में उपललब्‍ध मेमोरी बढ़ाने के लिए मदरबोर्ड पर चार तक RAM स्‍लॉट होते हैं। 

5. Basic Input/Output System (BIOS)

BIOS में मदरबोर्ड का फर्मवेयर होता है। इसमें कंप्‍यूटर चालू होने पर क्‍या करना है, इससे जुड़े निर्देश होते हैं। यह हार्डवेयर कंपोनेंट्स को शुरू करने और कंप्‍यूटर के ऑपरेटिंग सिस्‍टम को लोड करने का काम करता है। BIOS कंप्‍यूटर के ऑपरेटिंग सिस्‍टम को माउस और कीबोर्ड जैसे इनपुट और आउटपुट डिवाइस के साथ इंटरैक्‍ट करने और प्रतिक्रिया देने की सुविधा  भी देता है। 

कुछ मदरबोर्ड में, पुराने BIOS की जगह मॉर्डर्न एक्‍सटेंसिबल फर्मवेयर इंटरफेस (EFI) या यूनिफाइड एक्‍सटेंसिबल फर्मवेयर इंटरफेस (UEFI) का इस्‍तेमाल किया जाता है। UEFI और EFI कंप्‍यूटर को तेजी से बूट होने में मदद करते हैं, ज्‍यादा डायग्‍नोस्टिक और रिपेयर टूल देते हैं, और ऑपरेटिंग सिस्‍टम व कंप्‍यूटर कंपोनेंट्स के बीच ज्‍यादा बेहतर इंटरफेस प्रदान करते हैं। 

6. Chipset

कंप्‍यूटर के चिपसेट यह कंट्रोल करते हैं कि कंप्‍यूटर हार्डवेयर और बसें, सीपीयू और दूसरे कंपोनेंट्स के साथ कैसे काम करती हैं। चिपसेट यह भी तय करते हैं कि यूजर मदरबोर्ड में कितनी मेमोरी जोड़ सकते हैं और मदरबोर्ड में किस तरह के कनेक्‍टर हो सकते हैं। 

पहले तरह का चिपसेट नॉर्थब्रिज चिपसेट है। नॉर्थब्रिज उस स्‍पीड को मैनेज करता है जिस पर सीपीयू दूसरे कंपोनेंट्स के साथ कम्‍युनिकेट करता है। यह प्रोसेसर, AGP वीडियो स्‍लॉट और रैम को भी कंट्रोल करता है। 

दूसरे तरह का चिपसेट साउथब्रिज चिपसेट है। साउथब्रिज चिपसेट कंप्‍यूटर से जुड़े बाकी कंपोनेंट्स को कंट्रोल करता है, जिसमें प्रोसेसर और एक्‍सपेंशन पोर्ट (जैसे यूएसवी पोर्ट और साउंड कार्ड) के बीच कम्‍युनिकेशन शामिल है। 

7.  Cooling Fan

जब कंप्‍यूटर के पार्ट्स के बीच इलेक्ट्रिक करंट बहता है, तो गर्मी पैदा होती है, जिससे कंप्‍यूटर धीमा चल सकता है। अगर बहुत ज्‍यादा गर्मी जमा होती रहे और उसे हटाया न जाए, तो इससे कंप्‍यूटर के पार्ट्स खराब हो सकते हैं। इसलिए ठंडा रहने पर कंप्‍यूटर बेहतर काम करता है। कूलिंग फैन हवा के बहाव को बढ़ाते हैं, जिससे कंप्‍यूटर से गर्मी हटाने में मदद मिलती है। कुछ पार्ट्स जैसे वीडिया एडॉप्‍टर कार्ड, में खास कूलिंग फैन लगे होते हैं।  

8. Adapter Cards and Expansion Slots

कंप्‍यूटर की कार्यक्षमता को बढ़ाने के लिए मदरबोर्ड पर अडैप्‍टर कार्ड लगाए जाते है इसके उदाहरणों में साउंड और वीडियो अडैप्‍टर शामिल हैं। एक्‍सपेंशन स्‍लॉट यूजर्स को कम्‍पैटिबल अडैप्‍टर कार्ड लगाने की सुविधादेते हैं। एक्‍सपेंशन स्‍लॉट के उदाहरणों में पेरिफेरल कंपोनेंट इंटरकनेक्‍ट (PCI) स्‍लॉट AGP  जिनमें वीडियो कार्ड लगाए जा सकते हैं PCI एक्‍सप्रेस सीरियल बस स्‍लॉट और PCI एक्‍सटेंडेड शामिल है। 

9. CMOS Battery

CMOS Bettery एक छोटी गोल बैटरी होती है जो हर कंप्‍यूटर के मदरबोर्ड पर लगी होती है। यह कॉम्प्लिमेंट्री मेटल ऑक्‍साइड सेमीकंडक्‍टर चिप को पावर देती है। CMOS चिप BIOS की जाकारी कंप्‍यूटर की सेटिंग्‍स को तब भी सेव करके रखती है, जब कंप्‍यूटर बंद होता है। CMOS बैटरी की वजह से यूजर्स को हर बार कंप्‍यूटर चालू करने पर BIOS कॉन्फिगरेशन (जैसे बूट ऑर्डर, तारीख और समय की सेटिंग्‍स) को रीसेट करने की जरूरत नहीं पड़ती है।  

10. Storage Devices

Storage Devices डेटा को हमेशा के लिए स्‍टोर करते हैं या मीडिया डिस्‍क से डेटा निकालते हैं। स्‍टोरेज डिवाइस को कंप्‍यूटर में हार्ड ड्राइव के तौर पर लगाया जा सकता है या फिर ऐसी रिमूवेबल ड्राइव के तौर पर इस्‍तेमाल किया जा सकता है जिन्‍हें USB पोर्ट के जरिए कंप्‍यूटर से जोड़ा जा सके। हार्ड डिस्‍क ड्राइव HDD या सॉलिड-स्‍टेट ड्राइव SSD कंप्‍यूटर की मुख्‍य स्‍टोरेज ड्राइव होती है SSD वाले कंप्‍यूटर HDD वाले कंप्‍यूटर की तुलना में काम बहुत तेजी से और बेहतर तरीके से करते हैं। यूजर जानकारी स्‍टोर करने के लिए ऑप्टिकल ड्राइव, जैसे कि कॉम्‍पैक्‍ट डिस्‍क CD का इस्‍तेमाल कर सकते हैं। 

11. Front Panel Connectors

फ्रंट पैनल कनेक्‍टर्स केस पर लगी LED लाइट्स, हार्ड ड्राइव एक्टिविटी इंडिकेटर्स, पावर और रिसेट बटन, और इंटरनल स्‍पीकर्स जैसे कंपोनेंर्ट्स को मदरबोर्ड से जोड़ते हैं। कुछ USB और ऑडियो डिवाइसेस में भी LED लाइट्स होती हैं। 

ये कनेक्‍टर्स आमतौर पर मदरबोर्ड पर मौजूद छोटी पिन्‍स से जुड़ते हैं। हालाँँकिये पिन्‍स ग्रुप्‍स मे होती हैं और अक्‍सर कलर-कोडेड होती हैं, लेकिन इनका खास लेआउट मदरबोर्ड मॉडल के हिसाब से अलग-अलग हो सकता है।  

12. Power Connector

पावर कनेक्‍टर कंप्‍यूटर को ठीक से काम करने के लिए बिजली देता है। पावर सप्‍लाई कनेक्‍टर में 20 पिन होते हैं और यह  110 V AC Power को +/-12- वोल्‍ट, +/-5- वोल्‍ट और 3.3- वोल्‍ट डायरेक्‍ट करंट DC पावर में बदल देता है। 

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