कंप्यूटर की पीढ़ियाँ Generation of Computer in Hindi | कंप्यूटर की पाँच पीढ़ियाँ

 Generation of Computer In Hindi - कंप्‍यूटर की पीढ़‍ियाँ 

कंप्‍यूटर का विकास (Development of Computer) एक लंबी और निरंतर चलने वाली प्रक्रिया है। आज हम जिन आधुनिक, तेज और छोटे आकार के कंप्‍यूटरों का उपयोग करते है वे वर्षों के अनुसंधान और तकनीकी विकास का परिणम हैंं।



Generation of Computer in Hindi

आज के समय के कंप्‍यूटर काफी मॉडर्न और एडवांस देखने को मिलते है। परन्‍तु पुराने समय के कंप्‍यूटर इतने एडवांस और मॉडन नहीं हुआ करते थे। लेकिन बदलते समय में कंप्‍यूटर के क्षेत्र में काफी सुधार हुआ है। शुरुआती समय के में कंप्‍यूटर आकार में बहुत बड़े भारी और महंगे होते थे। उनकी गति भी आज के कंप्‍यूटरों की तुलना में काफी कम थी। समय के साथ नई-नई तकनीकों का विकास हुआ जिससे कंप्‍यूटर अधिक तेज और छोटे और उपयोग में आसान बन गए है। 

Time Period 

कंप्‍यूटर के विकास की प्रत्‍येक समयावधि को कंप्‍यूटर की पीढ़ी कहा जाता है। नई पीढ़ी में नई तकनीक का उपयोग किया गया, जिससे कंप्‍यूटर की कार्यक्षमता, गति, मेमोरी और Reliability में लगातार सुधार हुआ। वैज्ञानिकों और इंजीनियरों के वर्षो के प्रयासों के बाद कंप्‍यूटर तकनीक ने लगभग पांच पीढि़यों का विकास किया और प्रत्‍येक पीढ़ी की अपनी अलग तकनीक विशेषताऍं और उपयोग रहें है। 

Generation of Computer in Hindi

Generations of Computer

पीढ़ीसमय अवधिमुख्य तकनीक
प्रथम पीढ़ी (First Generation)1946 – 1959वैक्यूम ट्यूब (Vacuum Tube)
द्वितीय पीढ़ी (Second Generation)1959 – 1965ट्रांजिस्टर (Transistor)
तृतीय पीढ़ी (Third Generation)1965 – 1971इंटीग्रेटेड सर्किट (Integrated Circuit - IC)
चतुर्थ पीढ़ी (Fourth Generation)1971 – वर्तमानमाइक्रोप्रोसेसर (Microprocessor)
पंचम पीढ़ी (Fifth Generation)वर्तमान और भविष्यकृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence - AI)

पहली पीढ़ी के कंप्‍यूटर  (First Generation of Computers) (1942-1955)

  पहली पीढ़ी के कंप्‍यूटर के निर्माण में निर्वात ट्यूब (Vacuum Tubes) का प्रयोग किया गया जिसे वाल्‍व भी कहा जाता है। 

⇒ साफ्टवेयर मशीनी भाषा (Machine Language) तथा निम्‍न स्‍तरीय प्रोग्रामिंग भाषा (Low Level Programming Language) में तैयार किया जाता था। 

⇒  डाटा तथा सॉफ्टवेयर के भंडारण (Storage) के लिए पंचकार्ड (Punch Card) तथा पेपर टेप (Paper Tape) का प्रयोग किया गया। 

⇒  कंप्‍यूटर की गणना समय या गति मिली सेकेण्‍ड (Milli Second-ms) में की जाती थी। 
  
⇒  पहली पीढी के कंप्‍यूटर का उपयोग मुख्‍यत: वैज्ञानिक अनुसंधान तथा सैन्‍य कार्यो में किया जाता है।

⇒  ये आकार में बडे (Bulky) और अधिक ऊर्जा खपत करने वाले थे। इसकी भंडारण क्षमता कम तथा गति मंद थी। इनमें त्रुटि (Error) होने की संभावना भी अधिक रहती थी। अत: इनका संचालन एक खर्चीला काम था। 

⇒  वैक्‍यूम ट्यूब द्वारा अधिक ऊष्‍मा उत्‍पन्‍न करने के कारण इन्‍हें वातानुकूलित वातावरण में रखना पड़ता था। 

⇒  एनिएक (ENIAC) , यूनीबैक (UNIVAC) तथा आईबीएम (IBM) के मार्क-। इसके उदाहरण हैं। 

⇒  1952 में डाॅ. ग्रेस हापर द्वारा असेम्‍बली भाषा (As-Sebly Language) के आविष्‍कार से प्रोग्राम खिना कुछ आसान हो गया। 

 2. दूसरी पीढी के कंप्‍यूटर (Second Generation of Computers) (1955-1964)

⇒  दूसरी पीढी के कंप्‍यूटरों में वैक्‍यूम ट्यूब की जगह सेमीकंडक्‍टर ट्रॉजिस्‍टर का प्रयोग किया गया जो अपेक्षाकृत हल्‍के, छोटे और कम विद्युत खपत करने वाले थे।  

⇒  कंप्‍यूटर के लिए साॅफ्टवेयर उच्‍च स्‍तरीय असेम्‍बली भाषा (High Level Assembly Language) में तैयार किया गया। असेम्‍बली भाषा में प्रोग्राम लिखने के लिए निमानिक्‍स कोड (Mnemonics Code) का प्रयोग किया जाता है जो याद रखने में सरल होते है। अत: असेम्‍बली भाषा में साॅफ्टवेयर तैयार करना आसान होता है। 

⇒  डाटा तथा साॅफ्टवेयर के भंडारण के लिए मेमोरी के रुपमें चुंबंकीय भंडारण (Magnetic Storage Divices) उपकरणों जैसे-मैग्‍नेटिक टेप तथा मैग्‍नेटिक डिस्‍क आदि का प्रयोग हुआ है इससे भंडारण क्षमता तथा कंप्‍यूटर की गति में वृद्धि हुई है।  

⇒  कंप्‍यूटर के प्रोसेस करने की गति तीव्र हुई जिसे अब माइक्रो सेकण्‍ड (Micro Second) में मापा जाता था। 

⇒  व्‍यवसाय तथा उद्योग में कंप्‍यूटर का प्रयोग आरंभ हुआ। 

⇒ बैच आपरेटिंग सिस्‍टम (Batch Operating System) का आरंभ किया गया। 

⇒ सॉफ्टवेयर में कोबोल (COBOL-Common Business Oriented Language) और फोरट्रान FORTRAN-Formula Translation) जैसे उच्‍च स्‍तरीय भाषा का विकास आईबीएम द्वारा किया गया। इससे प्रोग्राम लिखना आसान हुआ। 

क्‍यो आप जानते हैं?

नोट-  ट्रांजिस्‍टर का आविष्‍कार सन 1947 में बेल लैबोरेटरीज के जॉन वारडीन, विलियम शाकले तथा वाल्‍टर ब्रेटन ने किया । अर्द्धचालक पदार्थ सिलिकन या जर्मेनियम का बना ट्रांजिस्‍टर एक तीव्र स्विचिंग डिवाइस है। 

3. तीसरी पीढी के कंप्‍यूटर (Third Generation of Computers) (1964-1975)

⇒   तीसरी पीढ़ी के कंप्‍यूटरो में ट्रांजिस्‍टर की जगह इंटीग्रेटेड सर्किट चिप का प्रयोग किया जाता है जिससे कंप्‍यूटर का लघुरूपण संभव हो सका। SSI (Small Scale Inegation त‍था बाद में MSI (Medium Scale Integration) का विकास हुआ जिसमें एक इंटीगेटेड सर्किट चिप में सैकड़ों इलेक्‍ट्रानिक उपकरणों जैसे ट्रांजिस्‍टर, प्रतिरोधक तथा संधारित का निर्माण संभव हुआ है। 

⇒  इनपुट तथा आउटपुट उपकरण के रूप में क्रमश: की-बोर्ड तथा मॉनीटर का प्रयोग प्रचलित हुआ है। की-बोर्ड के प्रयोग से कंप्‍यूटर में डाटा तथा निर्देश डालना आसान हुआ। 

⇒  मैग्‍नेटिक टेप तथा डिस्‍क के भंडारण क्षमता में वृद्धि हुई है । सेमीकंडक्‍टर भंडारण उपकरणों (Semi Conductior Storage Devices) का विकास हुआ है। रैम (RAM Random Access Memory) के कारण कंप्‍यूटर की गति में वृद्धि हुई है। 

⇒  कंप्‍यूटर का गणना समय नैनो सेकेण्‍ड में मापा जाने लगा है इससे कंप्‍यूटर के कार्य क्षमता में तेजी आई है। 

⇒  कंप्‍यूटर का व्‍यवसायिक व व्‍यक्तिगत उपयोग आरंभ हुआ। 

⇒  उच्‍च स्‍तरीय भाषा में पीएल-1 पास्‍कल तथा बेसिक का विकास हुआ है। 

⇒ टाइम शेयरिंग ऑपरेटिंग सिस्‍टम का विकास हुआ है। 

⇒  हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर की अलग-अलग बिक्री प्रारंभ हुई इससे उपयोकर्ता आवश्‍यकतानुसार सॉफ्टवेयर ले कसता था। 

⇒ 1965 में डीइसी DEC - Digital Equipment Corporation द्वारा पीडीपी-8 का कवािस किया गया। 

नोट:- इंटीग्रेटेड संर्किट का विकास 1958 में जैक किल्‍बी तथा रार्ब्‍ट नोयी द्वारा किया गया। सिलिकन की सतह पर बने इस प्रौद्योगिकी को माइक्रो इलेक्‍ट्रानिक का नम दिया गया है। ये चिप अर्धचालक पदार्थ सिलिकन या जर्मेनियम के बने होते है। 

तुलना का आधारप्रथम पीढ़ीद्वितीय पीढ़ीतृतीय पीढ़ीचतुर्थ पीढ़ीपंचम पीढ़ी
समय अवधि1940–19561956–19631964–19711971–वर्तमानवर्तमान एवं भविष्य
मुख्य तकनीकवैक्यूम ट्यूबट्रांजिस्टरइंटीग्रेटेड सर्किट (IC)माइक्रोप्रोसेसर (VLSI)AI, ULSI, मशीन लर्निंग
आकारएक कमरे जितना बड़ाअलमारी के आकार कापहले से छोटाडेस्कटॉप एवं लैपटॉपकॉम्पैक्ट एवं स्मार्ट डिवाइस
वजनकई टनकाफी भारीमध्यमहल्काअत्यंत हल्का
प्रोसेसिंग गतिमिलीसेकंडमाइक्रोसेकंडनैनोसेकंडपिकोसेकंडAI आधारित अत्यधिक तेज
मुख्य मेमोरीमैग्नेटिक ड्रममैग्नेटिक कोरसेमीकंडक्टर मेमोरीRAM, ROM, Cacheक्लाउड एवं AI मेमोरी
स्टोरेजपंच कार्ड, मैग्नेटिक ड्रममैग्नेटिक टेप, डिस्कहार्ड डिस्कSSD, HDD, Flash StorageCloud Storage, NVMe SSD
इनपुट माध्यमपंच कार्ड, पेपर टेपपंच कार्ड, कीबोर्डकीबोर्ड, मॉनिटरकीबोर्ड, माउस, टचवॉयस, टच, जेस्चर, AI
आउटपुट माध्यमप्रिंटरप्रिंटर, मॉनिटरमॉनिटरLED/LCD, प्रिंटरAR/VR, स्मार्ट डिस्प्ले
प्रोग्रामिंग भाषामशीन भाषाAssembly, FORTRAN, COBOLBASIC, PascalC, C++, JavaPython, AI Frameworks
ऑपरेटिंग सिस्टमउपलब्ध नहींप्रारंभिक OSमल्टीप्रोग्रामिंग OSWindows, Linux, macOSAI आधारित स्मार्ट OS
विश्वसनीयताबहुत कमअच्छीअधिकबहुत अधिकअत्यधिक
बिजली की खपतबहुत अधिककमऔर कमबहुत कमऊर्जा-कुशल
गर्मीबहुत अधिककमबहुत कमनगण्यलगभग नहीं
रखरखावकठिनआसानऔर आसानबहुत आसानस्वचालित
लागतबहुत अधिकअधिकमध्यमकमतकनीक पर निर्भर
उपयोगकर्तावैज्ञानिक एवं सैन्य संस्थानसरकारी एवं व्यावसायिक संस्थानशिक्षा, उद्योग, बैंकसभी सामान्य उपयोगकर्ताAI शोध, चिकित्सा, रोबोटिक्स, स्मार्ट उद्योग
मुख्य उपयोगगणनावैज्ञानिक एवं व्यावसायिक कार्यडेटाबेस, बैंकिंगइंटरनेट, शिक्षा, कार्यालयAI, रोबोटिक्स, स्वचालन
नेटवर्किंगनहींसीमितप्रारंभिकइंटरनेट एवं नेटवर्कIoT, Cloud, 5G/6G
उदाहरणENIAC, UNIVAC-IIBM 1401, IBM 7094IBM System/360, PDP-8IBM PC, Apple MacintoshAI Computer, Quantum Computer

4. चौथी पीढ़ी के कंप्‍यूटर (Fourth Generation of Computer) (1975 - 1989)

⇒  चौथी पीढ़ी के कंप्‍यूटरों में माइक्रो प्रोसेसर का प्रयो किया गया LSI (Large Scale Integration) तथा VLSI (Very Large Scale Integration) से माइक्रो प्रोसेसर की क्षमता में वृद्धि हुई। 

⇒ कंप्‍यूटर का गणना समय पीको सेकेण्‍ड में मापा जाने लगा है।

⇒  माइक्रो प्रोसेसर के इस्‍तेमाल से अत्‍यंत छोटा और हाथ में लेकर चलने योग्‍य कंप्‍यूटरों का विकास संभव हुआ। 

⇒  मल्‍टी टॉस्किंग के कारण कंप्‍यूटर का प्रयोग एक साथ कई कार्यो को संपन्‍न करने में किया जाने लगा है। 

⇒  माइक्रो प्रोसेसर का विकास एम ई हौफ ने 1971 में किया। इससे व्‍यक्तिगत कंप्‍यूटर का विकास हुआ। 

⇒ चुम्‍बकीय डिस्‍क और टेप का स्‍थान अर्धचालक मेमोरी ने ले लिया है। रैम की क्षमता में वृद्धि से काय्र अत्‍यंत तीव्र हो गया। 

⇒ उच्‍च गति वाले कंप्‍यूटर नेटवर्क जैसे लैन व वैन का विकास हुआ है। 

⇒  समानान्‍तर कंम्‍प्‍यूटिंग  (Parallel Computing) तथा मल्‍टीमीडिया का प्रचलन प्रारंभ हुआ। 

⇒ 1981 में आईबीएम (IBM-International Business Machine) कम्‍पनी ने माइक्रो कंप्‍यूटर का विकास किया।

⇒  सॉफ्टवेयर में ग्राफिकल यूजन इंटरफेस (GUI- Graphical User Interface) के विकास ने कंप्‍यूटर के उपयोग को सरल बना दिया है। 

⇒  आपरेटिंग सिस्‍टम्‍ में एम.एस डॉस माइक्रोसॉफ्ट विण्‍डोज तथा एप्‍पल ऑपरेटिंग सिस्‍टम का विकास हुआ था।

⇒  उच्‍च स्‍तरीय भाषा का मानकीकरण किया गया ताकि किसी प्रोग्राम को सभी कंप्‍यूटर में चालाया जा सके। 

5. पांचवी पीढ़ी के कंप्‍यूटर (Fifth Generation of Computers) (1989 से अब तक)

⇒  ULSI (Ultra Large Scale Integration)  तथा SLSI (Super Large Scale Integration) से करोड़ो इलेक्‍ट्रॉनिक उपकरणों से प्रयुक्‍त माइक्रो प्रोसेसर चिप का विकास हुआ है।

⇒  इससे अत्‍यंत छोटे तथा हाथ में लेकर चलने योग्‍य कंप्‍यूटरों का विकास हुआ है जिनकी गणना क्षमता अत्‍यंत तीव्र तथा अधिक है। 

⇒  इंटरनेट तथा सोशल मीडिया के विकास ने सूचनाओं के आदान-प्रदान तथा एक दूसरों से संपर्क करने के तरीकों में क्रांतिकारी परिवर्तन संभव हुआ है। 

⇒  मल्‍टीमीडिया तथा एनिमेशन के कारण कंप्‍यूटर का शिक्षा तथा मनोरंजन आदि के लिए भरपूर उपयोग किया जाने लगा है। 

⇒  पोर्टेबल पीसी और डेस्‍क टॉप पीसी ने कंप्‍यूटर को जीवन के लगभग प्रत्‍येक क्षेत्र से जोड़ दिया है। 

⇒  नये कंप्‍यूटर में मृत्रिम ज्ञान क्षमता डालने के प्रयास चल रहे है ताकि कंप्‍यूटर परिस्थितियों के अनुकूल स्‍वयं निर्णय ले सके। आवाज को पहचानने योग्‍य बना सके और रोबोट निर्माण में इसका प्रयोग किया जा रहा है। 

⇒ सूचना प्रौद्योगिकी तथा सूचना राजमार्ग की अवधारणा का विकास हुआ है। 

⇒  नेटवर्किग के क्षेत्र में इंटरनेट ईमेल तथा वर्ल्‍ड वाइड वेब का विकास हुआ है। 

आधारप्रथम पीढ़ी (1940–1956)द्वितीय पीढ़ी (1956–1963)तृतीय पीढ़ी (1964–1971)चतुर्थ पीढ़ी (1971–वर्तमान)पंचम पीढ़ी (वर्तमान एवं भविष्य)
मुख्य तकनीकवैक्यूम ट्यूब (Vacuum Tube)ट्रांजिस्टर (Transistor)इंटीग्रेटेड सर्किट (IC)माइक्रोप्रोसेसर (Microprocessor)कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI)
आकारबहुत बड़ाबड़ाछोटाबहुत छोटाअत्यंत कॉम्पैक्ट
गतिकमअधिकबहुत अधिकअत्यधिक तेजअत्यंत तेज एवं बुद्धिमान
बिजली की खपतबहुत अधिककमऔर कमबहुत कमऊर्जा-कुशल
गर्मीबहुत अधिककमबहुत कमनगण्यबहुत कम
मेमोरीमैग्नेटिक ड्रममैग्नेटिक कोर मेमोरीसेमीकंडक्टर मेमोरीRAM, ROM, SSD आदिउन्नत एवं क्लाउड आधारित मेमोरी
प्रोग्रामिंग भाषामशीन भाषाअसेंबली एवं उच्च स्तरीय भाषाउच्च स्तरीय भाषाएँC, C++, Java, Python आदिAI एवं मशीन लर्निंग आधारित भाषाएँ
विश्वसनीयताकमअच्छीअधिकबहुत अधिकअत्यधिक
रखरखावकठिन और महंगाअपेक्षाकृत आसानआसानबहुत आसानस्वचालित एवं उन्नत
लागतबहुत महंगीमहंगीमध्यमसस्तीतकनीक के अनुसार
मुख्य उपयोगवैज्ञानिक गणनाव्यवसाय एवं वैज्ञानिक कार्यउद्योग, बैंकिंग, शिक्षाव्यक्तिगत, व्यावसायिक एवं इंटरनेटAI, रोबोटिक्स, चिकित्सा, अनुसंधान
उदाहरणENIAC, UNIVAC-IIBM 1401, IBM 7094IBM System/360, PDP-8IBM PC, Apple MacintoshAI Computer, Smart Robots, Quantum Computers

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FAQ Schema Questions

Q1. कंप्यूटर की कुल कितनी पीढ़ियाँ हैं?

Q2. प्रथम पीढ़ी के कंप्यूटर में किस तकनीक का उपयोग किया जाता था?

Q3. माइक्रोप्रोसेसर किस पीढ़ी में आया था?

Q4. वर्तमान में कौन-सी कंप्यूटर पीढ़ी उपयोग में है?

Q5. पंचम पीढ़ी के कंप्यूटर की मुख्य विशेषता क्या है?

Q6. कंप्यूटर की पीढ़ियों का वर्गीकरण किस आधार पर किया गया है?

Q7. सबसे तेज़ कंप्यूटर किस पीढ़ी के माने जाते हैं?

Q8. प्रतियोगी परीक्षाओं में कंप्यूटर की पीढ़ियों से कौन-कौन से प्रश्न पूछे जाते हैं?

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