कम्प्यूटर की विशेषताऍं (Characteristics of Computer)
कम्प्यूटर एक आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक मशीन है, जो तेजी Accuracy के साथ विभिन्न कार्यों को पूरा करती है।
1. उच्च गति (High Speed)
कम्प्यूटर एक सेकेण्ड में लाखों गणनाएं कर सकता है। किसी मनुष्य द्वारा पूरे साल में किए जाने वाले कार्य स्पीड को हर्ट्ज (HZ) में मापते हैं। वर्तमान समय में कम्प्यूटर नैनो सेकेण्ड 10⁻⁹ सेकंड में गणनाएं कर सकता है। कम्प्यूटर की गति को एक सेकेण्ड में प्रोसेस किए गए निर्देशों की संख्या के आधार पर मापा जाता है। वर्तमान में कम्प्यूटर एक सेकेण्ड में दस लाख (Million) से भी अधिक निर्देशों को प्रोसेस कर सकता है। अत: कम्प्यूटर की गति को MIPS (Million Instructions Per Second) में मापा जाता है। कम्प्यूटर की सबसे महत्वपूर्ण विशेषताओं में से एक उच्च गति (High Speed) है। वर्तमान समय के कम्प्यूटर नैनौसेकण्ड (Nanosecond), पिकोसेकण्ड (Picosecond), और कुछ विशेष सुपर कम्प्यूटर फेम्टोसेकण्ड (Femtosecond), के स्तर पर भी कार्य करने में सक्षम हैं। यही कारण है कि कम्प्यूटर बहुत कम समय में लाखों, करोड़ों और अरबों गणनाऍं कर सकता है।
कम्प्यूटर की गति (Millisecond), माइक्रोसेकेण्ड (Microsecond), नैनोसेकण्ड (Nanosecond), पिकोसेकेण्ड (Picosecond) जैसी समय इकाइयों में मापा जाता है।
उदाहरण:
यदि किसी बैंक में लाखों ग्राहकों के खातों की गणना करनी हो, तो कम्प्यूटर यह कार्य कुछ ही सेकण्ड में पूरा कर देता है, जबकि यही कार्य मनुष्य को करने में कई घंटो या कई दिनो का समय लग सकता है।
नोट:
1 नैनोसेकंड (Nanosecond) = 1 सेकंड का 1 अरबवाँ (1/1,000,000,000) भाग होता है।2. स्वचालित (Automatic)
कम्प्यूटर एक स्वचालित इलेक्ट्रॉनिक मशीन है जिसमें गणना के दौरान मानवीय हस्तक्षेप की संंभावना नगण्य रहती है। हालांकि कम्प्यूटर को कार्य करने के लिए Speed निर्देश मनुष्य द्वारा ही दिए जाते हैं, पर एक बार आदेश दिये जाने के बाद वह बिना रुके कार्य कर सकता है। स्वचालन कम्प्यूटर की एक महत्वपूर्ण विशेषता है। इसका अर्थ है कि एक बार सही निर्देश या प्रोग्राम देने के बाद कंप्यूटर बिना बार-बार मानवीय हस्तक्षेपके स्वयं कार्य करता रहता है। जब तक कार्य पूरा नहीं हो जाता है तो कंम्प्यूटर दिए गए निर्देशों के अनुसार लगातार काम करता रहता है।
हालॉंकि, यह ध्यान रखना आवश्यक है कि कम्प्यूटर स्वयं निर्णय नहीं ले सकता है। यह केवल उपयोगकर्ता द्वारा दिए गए निर्देशों और प्रोग्राम के अनुसार ही कार्य करता है।
उदाहरण:
- एटीएम मशीन - कार्ड PIN डालने के बाद कंप्यूटर अपने आप नकद निकाल देता है।
- ऑटोमैटिक वॉशिंग मशीन - एक बार प्रोग्राम चुनने पर पूरी धुलाई स्वत: स्वम पूरी कर देता है।
- ऑनलाइन बिजली या मोबाइल बिल भुगतान - भुगतान की प्रक्रिया कंम्प्यूटर अपने आप पूरी करता है।
3. शुद्धता (Accuracy)
शुद्धता कम्प्यूटर की सबसे महत्वपूर्ण विशेषताओं में से एक है। कंप्यूटर सही डेटा (Input)और सही निर्देश (Instructions) मिलने पर लगभग 100 % शुद्ध परिणाम देता है। कंप्यूटर स्वयं कोई गलती नहीं करता, बल्कि यदि परिणाम गलत आता है तो उसका मुख्य कारण गलत डेटा या गलत निर्देश होते हैं। कंप्यूटर में होने वाली त्रुटि को GIGO (Garbage In, Garbage Out) सिद्धांत से समझाया जाता है। इसका अर्थ है कि यदि इनपुट गलत होगा, तो आउटपुट भी गलत होगा।
कम्प्यूटर की गणनाएं लगभग त्रुटिरहित होती हैं। गणना के दौरान अगर कोई त्रुटि पायी भी जाती है तो वह प्रोग्राम या डाटा में मानवीय गलतियों के कारण होती है। अगर डाटा और प्रोग्राम सही है तो कम्प्यूटर हेमेशा सही परिणाम ही देता है कभी-कभी वायरस के कारण भी कम्प्यूटर में त्रुटियां आ जाती है।
उदाहरण:
यदि किसी छात्र के अंक 85 की जगह गलती से 58 दर्ज कर दिए जाऍं, तो कंप्यूटर उसी गलत डेटा के आधार पर परिणाम तैयार करेगा। इसमें गलती कंप्यूटर की नहीं, बल्किगलत इनपुट की होगी।
4. स्थायी भंडारण क्षमता (Permanent Storage)
स्थायी भंडारण क्षमता (Permanent Storage) कम्प्यूटर में प्रयुक्त मेमोरी को डाटा (Data), सूचना (Information) और निर्देशों के स्थायी भंडारण के लिए प्रयोग किया जाता है कम्प्यूटर की एक महत्वपूर्ण विशेषता है। कंप्यूटर बड़ी मात्रा में डेटा सूचना और प्रोग्राम को लंबे समय तक सुरक्षित रख सकता है। यह डेटा कंप्यूटर बंंद (Power off) होने के बाद भी सुरक्षित रहता है और आवश्यकता पड़ने पर दोबारा उपयोग किया जा सकता है।
स्थायी भंडारण के लिए कम्प्यूटर में हार्ड डिस्क (Hard Disk), SSD (Solid State Drive), पेन ड्राइव (Pen Drive), मेमोरी कार्ड (Memory Card) ऑटिकल डिस्क (CD/DVD) जैसे स्टोरेज उपकरणों का उपयोग किया जाता है।
उदाहरण:
यदि आप कंप्यूटर में कोई दस्तावेज (Document), फोटो (Photo) वीडियो (Video) सेव करते हैं, तो वह वर्षों तक सुरक्षित रह सकता है और कम्प्यूटर दोबारा चालू करने पर भी उपलब्ध रहता है।
5. विशाल भंडारण क्षमता (Large Storage Capacity)
विशाल भंडारण क्षमता (Large Storage Capacity) कंप्यूटर की एक महत्वपूर्ण विशेषता है। कंप्यूटर बहुत बड़ी मात्रा में डेटा(Data), सूचना(Information), दस्तावेज़(Documents), चित्र(Photos), वीडियो(Videos) और सॉफ्टवेयर (Software) को सुरक्षित रूप से संग्रहित (Store) कर सकता है। आवश्यकता पड़ने पर यह जानकारी कुछ ही क्षणों में प्राप्त की जा सकती है।
कम्प्यूटर की स्टोरेज क्षमता बाइट(Byte), किलोबाइट (KB), मेगाबाइट (MB), गीगाबाइट (GB), टेराबाइट (TB) तथा पेटाबाइट (PB) जैसी इकाइयों में मापी जाती है।
उदाहरण:
एक आधुनिक कंप्यूटर या लैपटॉप में 512 GB, 1 TB या इससे भी अधिक क्षमता की हार्ड डिस्क (Hard Disk) या SSD (Solid State Drive) होती है, जिसमें लाखों दस्तावेज़, हजारों फोटो और सैकड़ों वीडियो सुरक्षित रखे जा सकते हैं।
6. भंडारित सूचना को तीव्रगति से प्राप्त करना (Rapid retrieval of stored information)
कम्प्यूटर की एक महत्वपूर्ण विशेषता भंडारित सूचना को तीव्र गति से प्राप्त करना (Rapid Retrieval of Stored Information) है। कम्प्यूटर में संग्रहित (Stored) डेटा या जानकारी को आवश्यकता पड़ने पर कुछ ही सेकण्ड या मिलीसेकण्ड में खोजकर (Search) और प्राप्त (Retrieve) किया जा सकता है। यही कारण है कि कम्प्यूटर बड़ी मात्रा में डेटा होने पर भी उसे बहुत तेजी से उपलब्ध कराता है। कंम्प्यूटर अपनी मेमोरी और स्टोरेज डिवाइस में सुरक्षित जानकारी को तुरंत खोजने के लिए उन्नत तकनीको और सॉफ्टवेयर का उपयोग करता है।
उदाहरण:
- बैंक में किसी ग्राहक के खाते की जानकारी कुछ ही सेकण्ड में प्राप्त हो जाती है।
- विद्यालय में हजारों छात्रों का रिकॉर्ड तुरंत खोजा जा सकता है।
- Google पर किसी विषय को खोजने पर संबंधित जानकारी कुछ ही क्षणों में दिखाई देती है।
7. जल्द निर्णय लेने की क्षमता (Ability to make quick decisions)
जल्द निर्णय लेने की क्षमता कम्प्यूटर की एक महत्वपूर्ण विशेषता है। कम्प्यूटर परिस्थितियों का विश्लेषण कर पूर्व में दिये गये निर्देशों के आधार पर तीव्र निर्णय की क्षमता रखता है। कम्प्यूटर दिए गए डेटा और निर्देशों का बहुत तेजी से विश्लेषण करके तुरंत परिणाम प्रस्तुत करता है। जटिल से जटिल गणनाऍं और तार्किक कार्य भी यह कुछ ही क्षणों में पूरा कर सकता है। यह ध्यान रखना आवश्यक है कि कम्प्यूटर स्वयं निर्णय नहीं लेता। यह केवल प्रोग्राम और उपयोगकर्ता द्वारा दिए गए निर्देशों के आधार पर निर्णय प्रक्रिया (Decision Making Process) को पूरा करता है।
उदाहरण:
- ATM मशीन सही PIN दर्ज होने पर तुरंत नकद निकालने का निर्णय लेती है।
- ऑनलाइन परीक्षा प्रणाली उत्तरों का विश्लेषण करके तुरंत परिणाम तैयार कर देती है।
- ट्रैफिक सिगनल नियंत्रण प्रणाली सेंसर से प्राप्त जानकारी के आधार पर सिगनल का संचालन करती है।
8. विविधता (Versatility)
कम्प्यूटर की एक महत्वपूर्ण विशेषता है। इसका अर्थ है कि कम्प्यूटर एक ही मशीन से अनेक प्रकार के कार्य करने में सक्षम होता है। कम्प्यूटर केवल गणना ही नहीं करता है, बल्कि दस्तावेज़ तैयार करना, इंटरनेट चलाना, ई-मेल भेजना, वीडियो देखना, प्रोग्रामिंग करना, डेटा विश्लेषण करना, डिज़ाइन बनाना, गेम खेलना और ऑनलाइन शिक्षा जैसे अनेक कार्य भी आसानी से कर सकता है।
कम्प्यूटर का उपयोग अलग-अलग क्षेत्रों और विभिन्न उद्देश्यों के लिए किया जा सकता है।
उदाहरण:
- शिक्षा (Education): ऑनलाइन पढ़ाई, परीक्षा और प्रोजेक्ट तैयार करना।
- बैंकिग (Banking): खाते का प्रबंधन और ऑनलाइन लेन-देन।
- चिकित्सा (Medical): रोगियों का रिकॉर्ड रखना रिपोर्ट तैयार करना।
- व्यापार (Business): बिलिंग, अकाउंटिंग और स्टॉक प्रबंधन।
- मनोरंजन (Entertainment): फिल्में देखना, संगीत सुनना और गेम खोलना।
9. पुनरावृत्ति (Repetition)
कम्प्यूटर की एक महत्वपूर्ण विशेषता है। इसका अर्थ है कि कम्प्यूटर किसी कार्य को बार-बार (Repeatedly) बिना थके, बिना ऊब के और समान शुद्धता के साथ कर सकता है। चाहे किसी कार्य को सैकड़ों, हजारों या लाखों बार दोहराना हो, कम्प्यूटर हर बार एक जैसी गति और सटीकता से उसे पूरा करता है। मनुष्य लगातार एक ही कार्य करते-करते थक सकता है और उससे गलती होने की संभवना बढ़ जाती है, लेकिन कंम्प्यूटर लंबे समय तक बिना किसी थकान के एक ही कार्य को बार-बार कर सकता है।
उदाहरण:
- किसी फैक्ट्री में एक ही प्रकार के उत्पाद का बार-बार निर्माण नियंत्रित करना।
- परीक्षा के लाखों परिणाम तैयार करना।
- बैंंकमें प्रतिदिन लाखाें लेन-देन का रिकॉड बनाना।
10. स्फूर्ति (Agility)
कम्प्यूटर की एक महत्वपूर्ण विशेषता है। इसका अर्थ हैकि कंम्प्यूटर बिना थके, बिना ऊबे और बिना अपनी कार्यक्षमता कम किए लगातार लंबे समय तक कार्य कर सकता है। कम्प्यूटर एक मशीन होने के कारण मानवीय दोषों से रहित है। इसे थकान तथा बोरियत महसूस नहीं होती है चाहे उसे घंटों, दिनों, या महीनों तक लगातार काम करना पड़े, उसके कार्य की गति और शुद्धाता में कोई कमी नहीं आती है। मनुष्य लगातार काम करने पर थक जाता है, जिससे उसकी कार्यक्षमता और एकाग्रता कम हो सकती है। लेकिन कंम्प्यूटर में थकान या ऊब जैसी कोई समस्या नहीं होती है।
उदाहरण:
- बैंक में 24☓7 लेन-देन की प्रक्रिया संचालित करना।
- सर्वर का दिन-रात लगातार कार्य करना।
- ऑनलाइन परीक्षा प्रणाली का हजारों विद्यार्थियों के लिए लगातार काम करना।
11. गोपनीयता (Secrecy)
कंप्यूटर में पासवर्ड के प्रयोग द्वारा कम्प्यूटर के कार्य को गोपनीय बनाया जा सकता है। पासवर्ड के प्रयोग से कम्प्यूटर में रखे डाटा और कार्यक्रमों को केवल पासवर्ड जानने वाला व्यक्ति ही देख या बदल सकता है।
उदाहरण:
- बैक ग्राहकों के खाते और लेन-देन की जानकारी को पासवर्ड और एन्क्रिप्शन से सुरक्षित रखते हैं।
- मोबाइल और कम्प्यूटर में पासवर्ड, फिंगरप्रिंट या फेस लॉक लगाकर निजी जानकारी सुरक्षित रखी जाती है।
- अस्पताल मरीजों की मेडिकल रिपोर्ड केवल अधिकृत डॉक्टरो और कर्मचारियों को ही उपलब्ध कराते है।
12. कार्य की एक रूपता (Uniformity of work)
बार-बार तथा लगातार एक ही कार्य करने के बावजूद कम्प्यूटर के कार्य की गुणवता पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता है।